अमृतसर , जुलाई 01 -- पंजाब की पूर्व मंत्री लक्ष्मीकांता चावला ने तंबाकू के खिलाफ चल रही कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा है कि यदि तंबाकू उत्पादों पर सख्ती की जा रही है तो शराब के प्रति भी सरकार को समान नीति अपनानी चाहिए।

सुश्री चावला ने बुधवार को कहा कि अमृतसर प्रशासन और पंजाब सरकार तंबाकू बेचने वालों पर कार्रवाई कर रही है और ऐसे उत्पादों के खिलाफ अभियान चला रही है, लेकिन शराब के ठेकों के बाहर उसके स्वास्थ्य संबंधी दुष्प्रभावों की चेतावनी प्रमुखता से प्रदर्शित नहीं की जाती। उनका कहना है कि शराब के सेवन से जिगर, गुर्दे, टीबी, कैंसर सहित कई गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ता है और इसके प्रति भी लोगों को जागरूक किया जाना चाहिए।

उन्होंने बताया कि उन्होंने पहले भी पंजाब सरकार के स्वास्थ्य सचिव को पत्र लिखकर मांग की थी कि सड़क दुर्घटनाओं के मामलों में यह सार्वजनिक किया जाये कि कितनी घटनाएं शराब पीकर वाहन चलाने के कारण हुईं।

उन्होंने आरोप लगाया कि इस संबंध में अब तक कोई जानकारी सार्वजनिक नहीं की गयी। उन्होंने धार्मिक स्थलों के आसपास शराब के ठेके न खोलने की मांग का समर्थन करते हुए कहा कि समाज को नशे के प्रति व्यापक जागरूकता की आवश्यकता है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि दूरदर्शन और अन्य टीवी चैनलों के माध्यम से शराब और तंबाकू के दुष्प्रभावों पर बड़े स्तर पर जनजागरूकता अभियान चलाया जाये। सुश्री चावला ने यह भी कहा कि सरकार को स्वास्थ्य के प्रति संतुलित और समान दृष्टिकोण अपनाते हुए सभी प्रकार के नशों के खिलाफ प्रभावी जनजागरण करना चाहिए।

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