नई दिल्ली , जुलाई 5 -- राजधानी में आयोजित राष्ट्रीय ड्रोन समिट 2020 में सहकारिता आधारित ड्रोन पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के उद्देश्य से ड्रोन टेक मल्टी-स्टेट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड के शुभारंभ सहित कई महत्वपूर्ण राष्ट्रीय पहलों का शुभारंभ किया गया ।
आयोजकों के अनुसार "नीति से समृद्धि तक" विषय पर ड्रोन टेक मल्टी-स्टेट कोऑपरेटिव सोसाइटी द्वारा राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (एनएसडीसी) के सहयोग से आयोजित इस सम्मेलन का उद्येश्य ड्रोन तकनीक के माध्यम से रोजगार, कौशल विकास और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति देना था। इसमें सरकार, उद्योग, सहकारी संस्थाओं और ग्रामीण भारत के प्रतिनिधि शामिल हुए।
इस सप्ताहांत सम्पन्न इस सम्मेलन में देश की पहली ड्रोन टेक मल्टी-स्टेट कोऑपरेटिव सोसाइटी के शुभारंभ के साथ साथ राष्ट्रीय मिशन "1 पंचायत - 1 ड्रोन उद्यमी" और 75 उन्नत कौशल केंद्रों की स्थापना की भी घोषणा की गयी। सम्मेलन पर एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि ड्रोन टेक कोऑपरेटिव सोसाइटी का गठन मल्टी-स्टेट कोऑपरेटिव सोसाइटीज़ अधिनियम, 2002 के अंतर्गत किया गया है। यह संस्था ड्रोन निर्माताओं, उद्यमियों, पायलटों, प्रशिक्षण संस्थानों, सेवा प्रदाताओं, स्टार्टअप्स, किसानों और अन्य हितधारकों को एक मंच पर लाकर सहयोग, नवाचार और सतत विकास को बढ़ावा देने का कार्य करेगी।
इसी तरह राष्ट्रीय मिशन "1 पंचायत - 1 ड्रोन उद्यमी" की भी शुरुआत की गई। इस मिशन का लक्ष्य अगले पाँच वर्षों में देश की 2 लाख कृषि-आधारित पंचायतों में 2 लाख ड्रोन उद्यमी तैयार करना है। इसके माध्यम से आधुनिक ड्रोन सेवाओं को ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुँचाने, रोजगार के अवसर बढ़ाने, ग्रामीण युवाओं को सशक्त बनाने और कृषि उत्पादकता में वृद्धि करने का लक्ष्य रखा गया है।
सम्मेलन में घोषित उन्नत कौशल केंद्रों पर युवाओं को ड्रोन प्रौद्योगिकी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), रोबोटिक्स, जीआईएस एवं रिमोट सेंसिंग, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और अन्य उभरती तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। एनएसडीसी के सहयोग से विश्वविद्यालयों, इंजीनियरिंग कॉलेजों, पॉलिटेक्निक संस्थानों और सरकारी आईटीआई में स्थापित होने वाले ये केंद्र राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और स्किल इंडिया मिशन के अनुरूप कार्य करेंगे।
सम्मेलन में केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री कमलेश पासवान, हरियाणा के शिक्षा मंत्र श्री महिपाल ढांडा, भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ, कोऑपरेटिव इलेक्शन अथॉरिटी के उपाध्यक्ष आर.के. गुप्ता, जनजातीय कार्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव अनंत प्रकाश पांडेय तथा जे.सी. बोस यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, वाईएमसीए, फरीदाबाद के कुलपति प्रो. राजीव कुमार तथा विभिन्न क्षेत्रों के कई गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया।
इस अवसर पर आयोजित ड्रोन तकनीकों की एक प्रदर्शन भी आयोजित की गयी जिसमें कृषि ड्रोन, मेक इन इंडिया विनिर्माण, ड्रोन-एज़-ए-सर्विस मॉडल, ड्र्रोन पायल प्रशिक्षण संगठन , एआई/ जीआईएस प्लेटफ़ॉर्म और ड्रोन वित्तपोषण से जुड़ी तकनीकों का प्रदर्शन किया गया। इस प्रदर्शनी में कई मंत्रालयों, ड्रोन निर्माताओं, नागर विमानन विनियामक -डीजीसीए-अनुमोदित ड्र्रोन पायल प्रशिक्षण संगठनों, वित्तीय संस्थानों, सहकारी संस्थाओं, विश्वविद्यालयों और ग्रामीण उद्यमियों ने भाग लिया।
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