मुंबई , जुलाई 27 -- महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (एमपीएससी) ने ड्रग निरीक्षक भर्ती परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक होने के आरोपों से जुड़ी शिकायत की सत्यता की जांच शुरू कर दी है।
आयोग को एक नया ई-मेल प्राप्त हुआ है, जिसमें दावा किया गया है कि मूल शिकायत झूठी थी और पुनर्परीक्षा कराने के उद्देश्य से दर्ज करायी गयी थी।
एमपीएससी के सूत्रों के अनुसार, ड्रग निरीक्षक भर्ती परीक्षा 22 मार्च को ऑफलाइन आयोजित की गयी थी। इसके परिणाम 12 जून को घोषित किये गये, एक से 21 जुलाई तक साक्षात्कार हुए और 22 जुलाई को अंतिम चयन सूची जारी की गयी। इसके एक दिन बाद, 23 जुलाई को आयोग को एक ई-मेल मिला, जिसमें परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक होने का आरोप लगाया गया था।
आयोग ने शिकायतकर्ता से आरोपों के समर्थन में साक्ष्य मांगे और शिकायतकर्ता तथा शिकायत में नामित अभ्यर्थी दोनों को पूछताछ के लिए तलब किया, हालांकि 26 जुलाई की देर रात भेजे गये एक अन्य ई-मेल में कथित तौर पर शिकायतकर्ता ने अपने आरोप वापस लेते हुए कहा कि पहली शिकायत गलत थी और उसका उद्देश्य केवल ऐसा माहौल बनाना था, जिससे आयोग पुनर्परीक्षा कराने पर विचार करे।
एमपीएससी अब दोनों ई-मेल की प्रामाणिकता की जांच कर रहा है और संबंधित सभी लोगों से पूछताछ कर रहा है। आयोग यह भी जांच कर रहा है कि यदि शिकायत में उल्लिखित व्हाट्सऐप बातचीत 20 मार्च यानी परीक्षा से दो दिन पहले की थी, तो शिकायत लगभग चार महीने बाद क्यों दर्ज करायी गयी।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित