जयपुर , जून 07 -- कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने राजस्थान भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) द्वारा राजस्थान राज्य बीज निगम के निदेशक जुगल किशोर विश्नोई सहित दो लोगों से दो करोड़ 44 लाख रुपए बरामद करने को छापेमारी की आड़ में कमीशन का मामला बताते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से इस पूरे मामले की जांच कराये जाने की मांग की है।

श्री डोटासरा ने रविवार को अपना वीडियो बयान जारी कर यह मांग की। उन्होंने कहा कि कृषि मंत्री डॉ किरोड़ी लाल मीणा को अब जनता को बताया जाना चाहिए कि यह किसकी शह पर चल रहा था। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि खाद और बीज की दुकानों पर छापे पड़ रहे थे और डा मीणा खुद छापे डाल रहे थे लेकिन श्री विश्ननोई और अन्य लोगों के पकड़े जाने से यह खुलासा हो गया कि छापेमारी की आड़ में कमीशन चल रह था।

श्री डोटासरा ने कहा कि उन्होंने विधानसभा में भी मामला उठाने पर डॉ मीणा ने कहा था कि नकली खाद और बीज पर नकेल कसी जा रही है लेकिन अब एसीबी ने राजस्थान राज्य बीज निगम के निदेशक जुगल किशोर विश्नोई सहित दो लोगों को दो करोड़ 44 लाख रुपए नकद के साथ पकड़ा हैं। कल परसों सीकर में बीस-बीस लाख रुपए की मांग की जा रही थी। इस प्रकार प्रदेश में 500 करोड़ रुपए से भी ज्यादा की उगाही की गई हैं।

उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि उन्हें इस पूरे मामले की पूरी जांच कराई जानी चाहिए कि इस मामले में कितने रुपए रिश्वत के लिए गए। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश में डराकर एवं धमकाकर का मॉडल अपनाया गया जिससे किसान बर्बाद हुआ और इसकी आड़ में खाद और बीज व्यापारियों को प्रताड़ित एवं धमकाया गया तथा पैसे जमा किए जा रहे हैं इससे बड़ा भ्रष्टाचार और कोई नहीं हो सकता। उन्होंने इसे भ्रष्टाचार ही नहीं, सरकार के संरक्षण में डकैती करार दिया।

उन्होंने कहा कि डॉ मीणा ने हाल में कहा था कि कोई उन पर आरोप सिद्ध कर दे तो वह राजनीति से इस्तीफा दे देंगे। राजनीति से इस्तीफे की बात नहीं करते लेकिन उनके डायरेक्टर, उनके मनोनीत एवं छापे में उनके साथ रहने वाले लोग रंगे हाथों पकड़ गये हैं अब तो उन्हें सत्यता एवं जनता को बताना चाहिए कि यह किसकी शह पर हो रहा था।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित