राजनांदगांव , अगस्त 01 -- छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले स्थित डोंगरगढ़ शहर में भारतीय जनता पार्टी इकाई (भाजपा) में आंतरिक कलह और असंतोष इस समय अपने चरम पर है। पार्टी संगठन के भीतर बगावत का यह दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। हाल ही में 111 कार्यकर्ताओं के इस्तीफे के बाद अब पार्टी के 26 और निष्ठावान व सक्रिय कार्यकर्ताओं ने अपनी प्राथमिक सदस्यता से सामूहिक इस्तीफा दे दिया है।

बागी कार्यकर्ताओं ने 31 जुलाई को राजनांदगांव भाजपा जिलाध्यक्ष को भेजे गए अपने त्यागपत्र में डोंगरगढ़ शहर मंडल अध्यक्ष जसमीत सिंह बन्नौआना की कार्यशैली के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इस बड़े राजनीतिक घटनाक्रम से स्थानीय से लेकर प्रादेशिक स्तर तक भाजपा के गलियारों में हड़कंप मच गया है।

त्यागपत्र देने वाले कार्यकर्ताओं का ये आरोप है कि, शहर मंडल अध्यक्ष जसमीत सिंह बन्नौआना के नेतृत्व में संगठन पूरी तरह कमजोर हो चुका है। मंडल का कामकाज कुछ गिने-चुने लोगों के हाथों की कठपुतली बन गया है और शहर के चार विशेष व्यापारी नेताओं के दबाव में सारे फैसले लिए जा रहे हैं। इस्तीफ़ा देने वाले कार्यकर्ताओं ने कहा कि वर्षों से जमीन पर मेहनत कर पार्टी को मजबूती देने वाले वरिष्ठ और समर्पित कार्यकर्ताओं के प्रति मंडल अध्यक्ष का आचरण बेहद अपमानजनक रहा है। उन्हें योजनाबद्ध तरीके से साइडलाइन कर घर बैठने पर मजबूर किया जा रहा है।

कार्यकर्ताओं का सीधा आरोप है कि परिवारवाद को बढ़ावा देते हुए एक ही व्यक्ति और उसके करीबियों के लिए एक से अधिक पदों की अनुशंसा की जा रही है, जिससे पार्टी कार्यकर्ताओं में भारी निराशा है।

मंडल अध्यक्ष डोंगरगढ़ में पार्टी को एकजुट करने के बजाय स्पष्ट रूप से गुटबाजी को बढ़ावा दे रहे हैं, जिससे आहत होकर वरिष्ठ पदाधिकारियों ने पार्टी से नाता तोड़ने जैसा कड़ा कदम उठाया है।

सामूहिक इस्तीफा देने वाले 26 कार्यकर्ताओं में कई पूर्व पदाधिकारी और सक्रिय सदस्य शामिल हैं। प्रमुख हस्ताक्षरकर्ताओं में,सुमन चौहान (पूर्व अध्यक्ष भाजयुमो / सचिव) बलविंदर सिंह भाटिया (जिला मंत्री, अल्पसंख्यक मोर्चा) एम. तुलसी (पूर्व महिला अध्यक्ष / पूर्व उपाध्यक्ष) मोहन कोटले (पूर्व पार्षद वार्ड नं. 1 बम्लेश्वरी) इनके साथ ही वैशीलाल, गीता पांडे, सीमा निधादू, ठगिया बाई, कृष्णा साहू, ओस सेन, खेमकरण साव, नागेश कुमार, धनुष कंडरा, दुर्गेश सिन्हा, इन्दु यादव, और उमेन्द्र साहू सहित कुल 26 कार्यकर्ताओं ने पत्र पर हस्ताक्षर कर अपना इस्तीफा सौंप दिया है।

डोंगरगढ़ के नाराज कार्यकर्ताओं ने अपने इस सामूहिक त्यागपत्र की प्रतिलिपि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव के अलावा प्रदेश संगठन मंत्री पवन साय को भी भेज दी है।

गौरतलब है कि डोंगरगढ़ भाजपा में इस्तीफे का यह सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। कुछ ही दिन पहले 111 कार्यकर्ताओं द्वारा सामूहिक इस्तीफा दिए जाने के बाद, अब दोबारा 26 लोगों का एक साथ पार्टी छोड़ना आगामी चुनावों और स्थानीय संगठन की मजबूती के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। अब देखना यह होगा कि इस बड़े घटनाक्रम के बाद जिला और प्रदेश नेतृत्व डैमेज कंट्रोल के लिए क्या कदम उठाता है।

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