राजनांदगांव , जून 26 -- छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में स्थित डोंगरगढ़ की प्रस्तावित 55 करोड़ रुपये की परिक्रमा पथ परियोजना को लेकर कांग्रेस ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नाम ज्ञापन सौंपते हुए परियोजना को तत्काल निरस्त करने की शुक्रवार को मांग की। पार्टी ने आरोप लगाया कि पर्याप्त शासकीय भूमि उपलब्ध होने के बावजूद किसानों की निजी कृषि भूमि का अधिग्रहण किया जा रहा है, जिससे प्रभावित किसानों में नाराजगी है।
कांग्रेस ने कहा कि डोंगरगढ़ शहर लंबे समय से बाईपास सड़क की मांग कर रहा है लेकिन सरकार आवश्यक अधोसंरचना परियोजना को प्राथमिकता देने के बजाय परिक्रमा पथ पर बड़ी राशि खर्च कर रही है। पार्टी का दावा है कि जिन धार्मिक स्थलों को जोड़ने के लिए यह परियोजना प्रस्तावित है, वे पहले से ही सड़क मार्ग से जुड़े हुए हैं। ऐसे में परियोजना की आवश्यकता और उपयोगिता पर प्रश्न खड़े होते हैं।
पार्टी ने यह भी मांग की कि परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर), अंतिम रूट मैप, भूमि चयन का आधार तथा वैकल्पिक विकल्पों के अध्ययन को सार्वजनिक किया जाए।
वहीं जिला प्रशासन का कहना है कि परिक्रमा पथ परियोजना से डोंगरगढ़ को राष्ट्रीय स्तर के धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने में मदद मिलेगी। प्रशासन के अनुसार इससे श्रद्धालुओं को बेहतर आवागमन सुविधा मिलेगी तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
कांग्रेस ने ज्ञापन में परिक्रमा पथ परियोजना निरस्त करने, डोंगरगढ़ बाईपास निर्माण की प्रक्रिया शुरू करने तथा शहर में भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रभावी नियंत्रण की मांग की है। पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर मांगों पर कार्रवाई नहीं की गई तो 30 जून को चक्काजाम सहित उग्र आंदोलन किया जाएगा।
ज्ञापन सौंपने के दौरान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मीडिया पैनलिस्ट अभिमन्यु उदय मिश्रा, ग्रामीण जिला कांग्रेस कमेटी के महामंत्री विजयराज सिंह, डोंगरगढ़ वार्ड क्रमांक-3 के पार्षद विनायक राव, ब्लॉक युवा कांग्रेस अध्यक्ष संदीप सोनी सहित स्थानीय लोग मौजूद थे।
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