रायपुर , जून 22 -- छत्तीसगढ़ में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस 23 जून से उनकी जयंती छह जुलाई तक प्रदेशभर में 'स्मरण पखवाड़ा' मनाएगी। इस दौरान बूथ स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक विभिन्न वैचारिक, सामाजिक और सेवा गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा।
भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं स्मरण पखवाड़ा कार्यक्रम के प्रदेश प्रभारी नंदन जैन ने सोमवार को बताया कि डॉ. मुखर्जी की 125वीं जयंती वर्ष के अवसर पर आयोजित यह अभियान उनके राष्ट्रवाद, राष्ट्रीय एकता और जनसेवा के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से चलाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि डॉ. मुखर्जी को राष्ट्रनिर्माण, सांस्कृतिक राष्ट्रवाद और भारत की अखंडता के प्रतीक के रूप में याद किया जाता है। जम्मू-कश्मीर को भारत का अभिन्न अंग बनाए रखने के लिए उनके योगदान को देश कभी नहीं भूल सकता। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में अनुच्छेद 370 हटाकर डॉ. मुखर्जी के संकल्प को साकार किया गया।
श्री जैन ने बताया कि स्मरण पखवाड़ा के तहत 23 जून और छह जुलाई को सभी बूथों पर पुष्पांजलि कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें बूथ समिति के सदस्य, प्राथमिक सदस्य और पार्टी के शुभचिंतक शामिल होंगे तथा डॉ. मुखर्जी के जीवन, व्यक्तित्व और राष्ट्रसेवा में उनके योगदान पर चर्चा की जाएगी।
उन्होंने बताया कि सभी जिलों में कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित होंगे, जिनमें डॉ. मुखर्जी के सामाजिक, राजनीतिक और वैचारिक योगदान पर प्रकाश डाला जाएगा। इसके अलावा प्रमुख शैक्षणिक केंद्रों के बाहर छात्र सम्मेलन भी आयोजित किए जाएंगे, जिनमें भारतीय जनता युवा मोर्चा की प्रमुख भूमिका रहेगी।
पखवाड़ा के दौरान विभिन्न नगरों और शहरों में चौराहों, उद्यानों अथवा मार्गों का नामकरण करने के साथ डॉ. मुखर्जी की प्रतिमा अथवा चित्रों का अनावरण भी किया जाएगा। मानसून के मद्देनजर प्रत्येक बूथ पर वृक्षारोपण अभियान भी चलाया जाएगा।
कार्यक्रमों के संचालन के लिए प्रदेश स्तर पर पांच सदस्यीय, जिला स्तर पर चार सदस्यीय तथा मंडल स्तर पर तीन सदस्यीय समितियों का गठन किया गया है।
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