पटना, जुलाई 22 -- बिहार विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार ने बुधवार को सदन में गन्ना उद्योग मंत्री संजय कुमार को निर्देश दिए कि वह एक सप्ताह के अंदर विधायकों और अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित कर प्रदेश में गन्ना किसानों के बकाया भुगतान से सम्बंधित समस्या के समाधान पर विमर्श कर इसका हल निकालें।
बिहार विधानसभा में मांझा एवं बिहार की अन्य चीनी मिलों के उपर किसानों के बकाया भुगतान पर सदन में सत्तारूढ़ दल के उप सचेतक और बरौली के विधायक मंजीत सिंह के ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर गन्ना उद्योग मंत्री संजय कुमार के जवाब के बीच हस्तक्षेप करते हुए विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने मंत्री को निर्देश दिए कि वह एक सप्ताह के अंदर सम्बंधित विधायकों और अधिकारियों के साथ बैठक कर इस समस्या का समाधान निकालें।
इससे पहले विधायक श्री सिंह ने सदन का ध्यान आकर्षित करते हुए मांझा चीनी मिल के ऊपर पिछले साढ़े चार साल से लंबित किसानों के 43 करोड़ और कर्मचारियों के 9 करोड़ बकाए का मुद्दा उठाया था। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय कम्पनी विधि अधिकरण (एनसीएलटी) कोलकाता ने बैक के 68.4 करोड़ बकाया चुकाने के लिए मिल की मशीनरी और अन्य सम्पतियों को निविदा के अनुसार बेचने का आदेश दिया है।
विधायक मंजीत सिंह ने कहा कि इससे पहले मिल बंद होने के बाद बचे स्टॉक को बेचने के बाद मिली साढ़े बारह करोड़ की रकम भी बैंकों को दे दी गयी थी। उन्होंने कहा कि वर्तमान में एक निवेशक सामने आया है, जो बकाया राशि का भुगतान करने के साथ मिल चालू करने को तैयार है। उन्होंने कहा कि मिल की मशीनों में अभी 80 प्रतिष्ठित मूल्य की क्षमता बाकी है, इस स्थिति में इसे काट कर निविदा से बेंच देना उचित कदम नही होगा।
विधायक श्री सिंह ने इस मामले में जब सरकार के हस्तक्षेप की मांग की तब कई अन्य विधायक अपने अपने क्षेत्रों की चीनी मिलों के बंद होने और बकाया भुगतान की बात लेकर सामने आए और चम्पारण, गोपालगंज, सीतामढ़ी सहित अन्य जगहों में बंद चीनी मीलों से जुडी किसानों कि समस्या को सदन के समक्ष रखा। इस ध्यानाकर्षण में शामिल होने वाले विधायको में विनय बिहारी, शालिनी मिश्र, वैद्यनाथ प्रसाद, माधव आनंद और राजू तिवारी शामिल थे।
विधायकों ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक साल के अंदर बिहार की बंद पड़ी सभी चीनी मिलों को चालू करने और नई खोलने की बात कही है, लेकिन फिलहाल पुरानी ही चालू कर दी जाए। विधायक विनय बिहारी ने कहा, ना नदी चाहिए ना झील चाहिए/ बिहार की जनता को सिर्फ चीनी मिल चाहिए।
विधानसभा अध्यक्ष ने गन्ना किसानों की समस्याओं के जखीरे को देखते हुए यह निर्देश गन्ना उद्योग मंत्री को दिए और एक सप्ताह के अंदर समाधान के लिए विमर्श की बात कही।
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