नयी दिल्ली , जुलाई 29 -- दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने बुधवार को दिल्ली सरकार के सभी अस्पतालों के मेडिकल सुपरिटेंडेंट (एमएस) और मेडिकल डायरेक्टर (एमडी) के साथ समीक्षा बैठक कर अस्पतालों की तैयारियों का जायजा लिया।

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि अस्पतालों में दवाओं और सर्जिकल सामग्री की उपलब्धता 90 प्रतिशत से अधिक है। उन्होंने सभी अस्पतालों को निर्देश दिया कि यदि कहीं भी दवाओं की कमी हो तो उसकी सूचना तुरंत मंत्री कार्यालय को दी जाये ताकि समय रहते आवश्यक व्यवस्था की जा सके। उन्होंने मानसून के दौरान जरूरत पड़ने पर स्थानीय स्तर पर दवाओं की खरीद करने के निर्देश भी दिये, ताकि मरीजों के उपचार में किसी प्रकार की बाधा न आये।

उन्होंने बताया कि दिल्ली सरकार के अस्पतालों में करीब 18 हजार बिस्तरों की व्यवस्था है। उन्होंने सभी अस्पतालों को विशेष रूप से मातृत्व एवं आपातकालीन वार्डों की भविष्य की जरूरतों का आकलन करने और अतिरिक्त बेड की आवश्यकता होने पर प्रस्ताव स्वास्थ्य विभाग को भेजने के निर्देश दिये। साथ ही मानसून के दौरान संभावित मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए पर्याप्त आईसीयू और ऑपरेशनल बेड उपलब्ध रखने पर जोर दिया।

डॉ. सिंह ने अस्पतालों में चल रहे निर्माण, मरम्मत और नवीनीकरण कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) को लंबित परियोजनाओं में तेजी लाने और जर्जर भवनों की मरम्मत शीघ्र पूरी करने के निर्देश दिये। इसके अलावा अस्पताल परिसरों में साफ-सफाई, स्वच्छता और रेडियोलॉजिस्ट की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए भी अधिकारियों को निर्देशित किया गया। उन्होंने कहा कि किसी भी अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट की कमी होने पर तत्काल इसकी सूचना मंत्री कार्यालय को दी जाये।

स्वास्थ्य मंत्री ने सभी अस्पतालों को प्रत्येक 15 दिन में एबीएचए आईडी पंजीकरण, पीडब्ल्यूडी से जुड़े लंबित मामलों तथा अन्य महत्वपूर्ण परिचालन मुद्दों पर प्रगति रिपोर्ट मंत्री कार्यालय को भेजने के निर्देश दिये। साथ ही नर्सिंग होम पंजीकरण प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और नागरिक-अनुकूल बनाने के लिए अनावश्यक नियमों को समाप्त करने पर भी जोर दिया।

उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार का लक्ष्य प्रत्येक सरकारी अस्पताल को बेहतर, सुलभ और मरीज-केंद्रित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह तैयार रखना है। उन्होंने सभी मेडिकल सुपरिटेंडेंट को निर्देश दिया कि दवाओं की उपलब्धता, अस्पतालों के बुनियादी ढांचे, साफ-सफाई, डायग्नोस्टिक सेवाओं और आपातकालीन तैयारियों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करें, ताकि मानसून के दौरान भी नागरिकों को बिना किसी बाधा के गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।

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