नयी दिल्ली , मई 09 -- परमाणु ऊर्जा एवं अंतरिक्ष विभाग के राज्य मंत्री मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह को रवांडा के किगाली में 18 से 21 मई तक होने वाले 'अफ्रीका के लिए परमाणु ऊर्जा नवाचार शिखर सम्मेलन' (एनईआईएसए 2026) में शमिल होने के लिए निमंत्रित किया है।

भारत में रवांडा की उच्चायुक्त सुश्री जैकलीन मुकांगिरा ने शनिवार को राजधानी में डॉ सिंह से मुलाकात की और सम्मेलन के लिए अपने राष्ट्रपति की ओर से उन्हें रवांडा की यात्रा का निमंत्रण दिया। डॉ सिंह ने शिखर सम्मेलन में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल होने पर सहमति व्यक्त की है और वहां की यात्रा करने में अपनी असमर्थता के लिए खेद जताया है । उच्चायुक्त के साथ रवांडा की आईसीटी और नवाचार मंत्री पाउला इंगाबियर भी शामिल थीं। अफ्रीका परमाणु शिखर सम्मेलन- 2026 का आयोजन अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए), अफ्रीका के लिए संयुक्त राष्ट्र आर्थिक आयोग (यूएनईसीए), परमाणु ऊर्जा एजेंसी, विश्व परमाणु संघ और क्षेत्रीय वित्तीय संस्थानों सहित प्रमुख अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय संस्थानों के सहयोग से किया जा रहा है।

डॉ सिंह ने रवांडा के प्रतिनिधियों की बातचीत में दोनों पक्षों ने विज्ञान और प्रौद्योगिकी, नवाचार, परमाणु ऊर्जा अनुप्रयोगों, डिजिटल क्षमता निर्माण और उभरती प्रौद्योगिकियों में भारत-रवांडा सहयोग को मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की। डॉ. जितेंद्र सिंह ने प्रौद्योगिकी आधारित समावेशी विकास के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दृष्टिकोण से प्रेरित परमाणु ऊर्जा, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, जैव प्रौद्योगिकी, आर्टफिशल इन्टेलिजन्स और डिजिटल शासन सहित अग्रणी क्षेत्रों में भारत के बढ़ते वैश्विक जुड़ाव को साझा किया।

रवांडा के प्रतिनिधिमंडल ने भारत की बढ़ती वैज्ञानिक और तकनीकी क्षमताओं में गहरी रुचि व्यक्त की और भारतीय मंत्रालयों, वैज्ञानिक संगठनों और नवाचार प्लेटफार्मों के साथ संस्थागत साझेदारी को बढ़ाने की इच्छा व्यक्त की। दोनों देशों के बीच अनुसंधान, शिक्षा, नवाचार इकोसिस्टम और क्षमता निर्माण पहल में सहयोग के अवसरों पर भी चर्चा की गई।

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