नयी दिल्ली , अगस्त 31 -- भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय प्रवक्ता आरपी सिंह ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की पत्नी डॉ. गुरप्रीत कौर पर रिश्वत मांगने के लगे आरोप की निष्पक्ष, पारदर्शी और विश्वसनीय जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है तथा कहा है कि अगर छिपाने के लिए कुछ नहीं है, तो श्री मान और श्री अरविंद केजरीवाल ने चुप्पी क्यों साध रखी है।

गौरतलब है कि डॉ. कौर पर दुष्कर्म के मामले को दबाने के लिए पांच करोड़ रुपये की रिश्वत मांगने के आरोप लगे हैं।

श्री सिंह ने सोशल मीडिया एक्स पर सोमवार को लिखा कि पंजाब इस मामले को देख रहा है। राज्य की जनता एक सीधा सवाल पूछ रही है कि इस बेहद गंभीर आरोपों के पीछे सच्चाई क्या है? उन्होंने कहा कि यह कोई ऐसा राजनीतिक विवाद नहीं है, जिसे केवल मीडिया में बयान देकर या साजिश के आरोप लगाकर टाला जा सके। यह आरोप अदालत की कार्यवाही के संदर्भ में सामने आये हैं।

उन्होंने कहा कि पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय पहले ही निर्देश दे चुका है कि मामले की जांच ऐसे अधिकारी से कराई जाए, जो पहले इस मामले से जुड़े न रहे हों। अब राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने भी पंजाब सरकार को इस मामले की जांच करने और कार्रवाई की रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है।

उन्होंने कहा कि यह मामला इसलिए और गंभीर हो जाता है क्योंकि इसमें दुष्कर्म की जांच को प्रभावित करने की कथित कोशिश करने का आरोप है।

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि डॉ. कौर खुद एक महिला हैं और एक पुत्री की मां हैं। वह किसी से बेहतर समझ सकती हैं कि यौन हिंसा के मामले में न्याय पाने के लिए एक महिला और उसके परिवार को किन परिस्थितियों से गुजरना पड़ता है। यदि ऐसे मामले को प्रभावित करने या दबाने के लिए पैसे मांगे गये हैं, तो जिम्मेदार रास्ता यही है कि वह पंजाब की जनता के सामने पूरी स्थिति स्पष्ट करें और स्वतंत्र जांच में पूरा सहयोग करें।

श्री सिंह ने आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधते हुए कहा कि वह (श्री केजरीवाल) श्री मान के पीछे नहीं छिप सकते। श्री मान अपनी पत्नी के पीछे नहीं छिप सकते। जब संवैधानिक तथा मानवाधिकार संस्थाएं इस मामले का संज्ञान ले चुकी हैं, तब कोई भी व्यक्ति यह कहकर इससे बच नहीं सकता कि यह सिर्फ एक राजनीतिक आरोप है। जनता को जवाब चाहिए, मुद्दे से ध्यान भटकाने की कोशिश नहीं।

उन्होंने कहा, "मैं किसी को बिना उचित कानूनी प्रक्रिया के दोषी ठहराने की मांग नहीं कर रहा हूं। मेरी मांग केवल इतनी है कि निष्पक्ष, पारदर्शी और भरोसेमंद जांच के जरिए सच्चाई सामने आए। यदि आरोप झूठे हैं, तो जांच यह साबित कर दे। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए, चाहे वे कितने भी शक्तिशाली या प्रभावशाली क्यों न हों।

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