रांची , मार्च 26 -- झारखंड में स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूत, आधुनिक और जनोन्मुखी बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल करते हुए राज्य सरकार ने डायनेमिक एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन (डीएसीपी) व्यवस्था लागू करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।

यह कदम न केवल डॉक्टरों के सम्मान और उनके मनोबल को बढ़ाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा, बल्कि राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को भी एक नई ऊंचाई पर ले जाएगा।

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा, "व्यवस्थाएं बदलनी हैं तो सुविधाएं देनी होंगी, और स्वास्थ्य व्यवस्था सुधारनी है तो डॉक्टरों को सम्मान देना होगा।" उन्होंने बताया कि इस नई व्यवस्था के तहत राज्य के लगभग 167 डॉक्टरों को लाभ प्रदान किया जा रहा है, जिससे उनके वेतन में वृद्धि होगी और कार्य के प्रति उनकी ऊर्जा, समर्पण और दक्षता में और अधिक निखार आएगा।

डॉ. अंसारी ने स्पष्ट किया कि इस योजना से सरकार पर अतिरिक्त वित्तीय भार अवश्य पड़ेगा, लेकिन आम जनता को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। डॉक्टरों को सम्मान और बेहतर अवसर देकर ही एक मजबूत और भरोसेमंद स्वास्थ्य तंत्र का निर्माण संभव है।

डॉ. अंसारी ने कहा कि यह निर्णय मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के मार्गदर्शन में लिया गया है। उन्होंने स्वीकार किया कि पिछले दो दशकों में स्वास्थ्य क्षेत्र को अपेक्षित प्राथमिकता नहीं मिली, लेकिन वर्तमान सरकार इसे सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जमीनी स्तर पर ठोस और प्रभावी बदलाव ला रही है।

इस निर्णय के बाद राज्य में डॉक्टरों के बीच उत्साह और विश्वास का माहौल है। साथ ही, अन्य राज्यों के चिकित्सक भी अब झारखंड की ओर आकर्षित होंगे, जिससे यहां की स्वास्थ्य सेवाएं और सशक्त होंगी। यह पहल राज्य के लिए दूरगामी और परिवर्तनकारी साबित होने जा रही है।

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. अंसारी ने यह भी बताया कि उन्होंने एक वर्ष पूर्व झारखंड स्टेट हेल्थ सर्विसेज एसोसिएशन (झासा) के मंच से डीएसीपी लागू करने का वादा किया था, जिसे आज पूरा कर दिखाया गया है। यह निर्णय सरकार की प्रतिबद्धता और जवाबदेही का प्रमाण है।

मौके पर झासा के प्रतिनिधियों ने डीएसीपी को और अधिक प्रभावी बनाने हेतु विस्तृत सुझाव दिए। उन्होंने सामान्य एवं दंत चिकित्सकों के लिए सेवा अवधि को 6 6 6 7 (25 वर्ष) से घटाकर 4 5 4 7 (20 वर्ष) करने तथा विशेषज्ञ चिकित्सकों के लिए भी चरणबद्ध सेवा अवधि निर्धारित करने की मांग रखी। साथ ही, स्पष्ट और ठोस नियमावली तैयार करने पर जोर दिया गया, क्योंकि यह मांग पिछले एक दशक से लंबित रही है।

डॉ. अंसारी ने इन सभी सुझावों को गंभीरता से लेते हुए आश्वासन दिया कि आने वाले समय में डीएसीपी व्यवस्था को और अधिक सरल, पारदर्शी एवं प्रभावी बनाया जाएगा, ताकि चिकित्सकों को किसी प्रकार की कठिनाई न हो और वे पूरी निष्ठा से अपनी सेवाएं दे सकें।

इस अवसर पर उपस्थित डॉक्टरों ने एक स्वर में कहा कि डॉ. अंसारी की दूरदर्शी सोच, संवेदनशील नेतृत्व और जमीनी कार्यशैली के कारण पिछले एक वर्ष में झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था में व्यापक और सकारात्मक बदलाव देखने को मिला है। इससे न केवल डॉक्टरों, बल्कि आम जनता का भी विश्वास बढ़ा है। सभी डॉक्टरों ने सरकार के साथ मिलकर राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक मजबूत, सुलभ और प्रभावी बनाने का संकल्प लिया। मौके पर झासा के सदस्यों ने मंत्री जी को ढेर सारी बधाई दी।

मौके पर संरक्षक डॉ. सी. के. शाही, डॉ. पी. पी. साह, अध्यक्ष डॉ. बिमलेश सिंह, सचिव डॉ. ठाकुर मृत्युंजय सिंह, कोषाध्यक्ष , डॉ. स्टीफन ज़ेस, उपाध्यक्ष (महिला प्रकोष्ठ), डॉ. मुसर्रत यमानी सहित कई संगठन के सभी लोग उपस्थित थे।

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