बैतूल , अगस्त 02 -- मध्यप्रदेश में बैतूल जिले के जनजातीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को अब पढ़ाई के लिए अलग से डेस्क की आवश्यकता नहीं होगी।
केंद्रीय जनजातीय कार्य राज्य मंत्री एवं बैतूल सांसद दुर्गादास उइके की पहल पर एचपीसीएल की कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) योजना के तहत यूनिसेड संस्था के सहयोग से जिले के 27,778 विद्यार्थियों को डेस्क युक्त स्कूल बैग उपलब्ध कराए गए हैं।
जनजातीय कार्य विभाग के अनुसार बैगों का वितरण जिले के संबंधित विद्यालयों में पूरा कर लिया गया है। इन विशेष बैगों की खासियत यह है कि इन्हें आवश्यकता के अनुसार छोटे डेस्क में परिवर्तित किया जा सकता है, जिससे विद्यार्थी विद्यालय, घर अथवा अन्य स्थानों पर भी सुविधाजनक ढंग से बैठकर अध्ययन कर सकेंगे।
सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य वत्सला शिवहरे ने बताया कि केंद्रीय मंत्री दुर्गादास उइके के प्रयासों से एचपीसीएल के सीएसआर सहयोग के माध्यम से यह पहल साकार हुई है। उन्होंने कहा कि जिले के जनजातीय क्षेत्रों के सभी चिन्हित 27,778 विद्यार्थियों तक डेस्क युक्त स्कूल बैग पहुंचा दिए गए हैं और उनका वितरण भी पूर्ण हो चुका है।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों का मानना है कि यह पहल विद्यार्थियों में सही मुद्रा में बैठकर पढ़ने की आदत विकसित करने में सहायक होगी। लंबे समय तक गलत तरीके से बैठकर पढ़ाई करने से होने वाली शारीरिक समस्याओं को कम करने के साथ यह बैग गुणवत्तापूर्ण अध्ययन वातावरण तैयार करने में भी उपयोगी साबित हो सकते हैं।
विद्यालयों के शिक्षकों और विद्यार्थियों ने भी इस नवाचार का स्वागत किया है। उनका कहना है कि ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में कई बार बच्चों को पढ़ाई के दौरान उपयुक्त बैठने की सुविधा नहीं मिल पाती। ऐसे में डेस्क युक्त स्कूल बैग उनके लिए काफी उपयोगी साबित होंगे। इससे बच्चों की पढ़ाई के प्रति रुचि बढ़ने के साथ-साथ उन्हें कहीं भी बैठकर सुविधाजनक तरीके से अध्ययन करने का अवसर मिलेगा।
जनजातीय कार्य विभाग के अनुसार इस पहल का उद्देश्य जनजातीय क्षेत्रों के विद्यार्थियों को आधुनिक एवं उपयोगी शिक्षण संसाधन उपलब्ध कराकर शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाना और उन्हें बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना है।
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