चंडीगढ़/रूपनगर , अप्रैल 27 -- पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा रविवार शाम को नेहरू स्टेडियम, रूपनगर में आयोजित पहले विशाल आध्यात्मिक कीर्तन दरबार के साथ ही श्री गुरु रविदास जी के 650वें प्रकाश पर्व के राज्य स्तरीय कार्यक्रमों की शुरुआत की गयी।

इस विशाल आयोजन के साथ गुरु रविदास जी के सार्वभौमिक संदेश को पंजाब और इसके बाहर फैलाने के उद्देश्य से वर्षभर चलने वाले कार्यक्रमों की श्रृंखला का आगाज़ हुआ।

इस आध्यात्मिक संध्या के दौरान श्री दरबार साहिब, अमृतसर के प्रसिद्ध हजूरी रागी भाई रविंदर सिंह औरभाई दविंदर सिंह जी सोढ़ी द्वारा रसपूर्ण कीर्तन किया गया, जिसने संगत को दिव्य बाणी में लीन कर दिया। इसके उपरांत भाई गुरमीत सिंह जी द्वारा कथा-विचार के माध्यम से संगत को निहाल किया गया और श्रद्धालुओं को श्री गुरु रविदास महाराज जी की शिक्षाओं को अपने दैनिक जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।

इस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होते हुए पंजाब के वित्त, योजना, आबकारी एवं कर तथा परिवहन मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने संगत को शुभकामनाएं दीं और इस पहल के महत्व को उजागर किया। उन्होंने कहा, " खुरालगढ़ साहिब में 649वें प्रकाश पर्व के अवसर पर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान द्वारा 650वें प्रकाश पर्व को समर्पित वर्षभर बड़े स्तर पर कार्यक्रम आयोजित करने की घोषणा की गयी थी। "वित्त मंत्री ने कहा, " इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य श्री गुरु रविदास जी के सार्वभौमिक संदेश को पूरी दुनियामें फैलाना है। इसी के तहत पंजाब के कोने-कोने में स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में विभिन्न शैक्षिक और आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं। "उन्होंने कहा, " इस बड़े प्रयास के हिस्से के रूप में राज्य के सभी जिलों में आध्यात्मिक कीर्तन दरबार आयोजित किये जा रहे हैं, जिनकी औपचारिक शुरुआत रूपनगर से हुई है। "पंजाब सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल के बारे में री चीमा ने घोषणा की, " पंजाब सरकार द्वारा डेरा सचखंड बल्लां के पास एक विशाल 'श्री गुरु रविदास बाणी अध्ययन केंद्र' स्थापित करने के लिए 10 एकड़ भूमि खरीदी गयी है। इस केंद्र में 750 व्यक्तियों के बैठने की क्षमता होगी और यह गुरु साहिब की पवित्र बाणी और शिक्षाओं के गहन अध्ययन और शोध के लिए समर्पित होगा। इससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि उनका अमूल्य संदेश आम लोगों तक प्रभावी ढंग से पहुंचे। "उन्होंने कहा, " भवन का नक्शा तैयार कर लिया गया है और निर्माण कार्य जल्द ही शुरू किया जाएगा। निर्माण के बाद यह केंद्र आम लोगों को गुरु महाराज से संबंधित महत्वपूर्ण ऐतिहासिक शोध से भी अवगत कराएगा। "इस अवसर पर पर्यटन एवं सांस्कृतिक मामलों के विभाग के सलाहकार दीपक बाली ने कहा और वर्तमान समाज में गुरु जी की शिक्षाओं की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला।

उन्होंने कहा, " सदियों पहले अपनी क्रांतिकारी बाणी के माध्यम से श्री गुरु रविदास जी ने मानवता को आपसी भेदभाव से ऊपर उठकर समानता और भाईचारे पर आधारित समाज बनाने का संदेश दिया था।"उन्होंने संगत से इस मार्ग पर चलकर सद्भावनापूर्ण और समानतावादी समाज के निर्माण की अपील की।

रूपनगर के विधायक एडवोकेट दिनेश चड्ढा ने अतिथियों और संगत का स्वागत करते हुए कहा कि सामाजिक प्रगति गुरुजनों द्वारा दिखाये गये मार्ग पर चलकर ही संभव है।

उन्होंने कहा कि गुरु साहिबान ने हमेशा बाणी के माध्यम से मानवता को एक सभ्य और जागरूक युग की ओर मार्गदर्शन किया है। उन्होंने इस ऐतिहासिक श्रृंखला के पहले कीर्तन दरबार की मेजबानी के लिए रूपनगर को चुने जाने पर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और पंजाब सरकार का धन्यवाद भी किया।

इस विशाल आयोजन में हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया और दिव्य बाणी का आनंद लेते हुए पंजाब सरकार द्वारा बनाये गये आध्यात्मिक वातावरण की सराहना की।

समारोह के दौरान तप स्थान श्री खुरालगढ़ साहिब के प्रमुख संत बाबा केवल सिंह, ऑल इंडिया आदि धर्म मिशन के प्रधान संत सतविंदरजीत सिंह हीरा, डेरा मस्त बाबा शाम जी महाराज झज्ज के स्वामी अनमुलका नंद, डेरा पुष्पा नंद उदासीन आश्रम बस्सी पठानां के महंत बलविंदर दास, डेरा महां पुरी चब्बेवाल के संत बलवीर दास, गुरुद्वारा टिब्बी साहिब के जत्थेदार जगमिंदर सिंह और श्री चरण छोह गंगा खुरालगढ़ साहिब के प्रमुख संत सुरिंदर दास सहित कई सम्मानित धार्मिक हस्तियों ने भाग लिया।

इस अवसर पर उपस्थित प्रमुख जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों में विधायक श्री चमकौर साहिब डॉ. चरणजीत सिंह, दिल्ली के विधायक अजय दत्त, पंजाब विधानसभा के डिप्टी स्पीकर जय कृष्ण सिंह, डिप्टी कमिश्नर रूपनगर आदित्य डेचलवाल, एस.एस.पी. रूपनगर मनिंदर सिंह, अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर चंद्रज्योति सिंह, एस.पी. अरविंद मीणा, सहायक कमिश्नर प्रदीप सिंह बैस, एस.डी.एम. रूपनगर जसप्रीत सिंह और डी.पी.आर.ओ. करण मेहता शामिल थे।

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