फिरोजाबाद , जुलाई 10 -- उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में डेढ़ वर्षीय मासूम की निर्मम हत्या के मामले में जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. बच्चू सारंग ने शुक्रवार को दोषी जितेंद्र पाठक उर्फ विराज को फांसी की सजा सुनाई।
घटना के मात्र 40 दिन के भीतर अदालत का फैसला आने को पुलिस और अभियोजन पक्ष की त्वरित कार्रवाई का परिणाम माना जा रहा है। सजा सुनते ही दोषी न्यायालय में फूट-फूटकर रोने लगा।
अभियोजन पक्ष के अनुसार 30 मई को शिकोहाबाद की यादव कॉलोनी में डेढ़ वर्षीय आरव की हत्या कर दी गई थी। आरोपी जितेंद्र पाठक ने बच्चे को टॉफी दिलाने के बहाने घर से बाहर ले जाकर जमीन पर पटक-पटककर उसकी नृशंस हत्या कर दी थी। घटना को मोहल्ले के लोगों ने देखा था और सीसीटीवी फुटेज में भी पूरी वारदात कैद हो गई थी।
पुलिस जांच में सामने आया कि मृतक आरव की मां रति शर्मा मूल रूप से सिरसागंज तहसील के वामई गांव की रहने वाली हैं। उनकी शादी बदायूं निवासी सुमित से हुई थी, लेकिन वैवाहिक विवाद के बाद वह अपनी मां के पास रह रही थीं। इसी दौरान पति के फुफेरे भाई जितेंद्र पाठक उर्फ विराज ने रति शर्मा से नजदीकियां बढ़ा ली थीं और वह उनसे एकतरफा प्रेम करने लगा था।
अभियोजन के मुताबिक आरोपी रति शर्मा पर शादी के लिए दबाव बनाता था, लेकिन वह अपने बच्चों का हवाला देकर मना कर देती थीं। आरोपी को लगने लगा कि दोनों बच्चों के कारण उसके और रति के संबंध आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं। इसी सोच के चलते उसने मासूम आरव को रास्ते से हटाने की साजिश रची और उसकी हत्या कर दी।
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता राजीव प्रियदर्शी और पुलिस अधिकारियों ने गवाहों तथा इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर प्रभावी पैरवी की। इसके आधार पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. बच्चू सारंग ने दोषी को मृत्युदंड की सजा सुनाई।
फैसले के बाद मृतक बालक की मां रति शर्मा ने न्यायपालिका पर भरोसा जताते हुए सजा पर संतोष व्यक्त किया। फैसले के बाद पुलिस ने दोषी को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच जेल भेज दिया।
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