बैतूल , मई 31 -- मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में डेढ़ माह की बच्ची को लावारिस बताकर पुलिस के पास पहुंची एक महिला की कहानी जांच में झूठी निकली। पुलिस और बाल कल्याण समिति की पड़ताल में सामने आया कि बच्ची उसी महिला की पुत्री है और उसने पूरी घटना की मनगढ़ंत कहानी बनाई थी।
पुलिस सूत्रों के अनुसार 26 वर्षीय महिला शनिवार को डेढ़ माह की बच्ची को लेकर बैतूल कोतवाली पहुंची और बताया कि बस स्टैंड पर एक अज्ञात महिला बच्ची को उसकी गोद में देकर चली गई थी तथा वापस नहीं लौटी। महिला के बयान के आधार पर बच्ची को बाल कल्याण समिति के माध्यम से शिशु गृह भेज दिया गया।
महिला के बयान और व्यवहार में विरोधाभास दिखाई देने पर थाना प्रभारी देवकरण डहरिया ने मामले की गहन जांच कराई। बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष अभिषेक जैन को भी महिला की कहानी संदिग्ध लगी, जिसके बाद उसे बैतूल में ही रोककर रखने के निर्देश दिए गए।
जांच के दौरान पुलिस महिला को बस स्टैंड लेकर पहुंची। वहां लगे निगरानी कैमरों की जानकारी मिलने पर महिला घबराई हुई दिखाई दी। इसके बाद पुलिस ने उसके मोबाइल फोन के माध्यम से पति और अन्य परिजनों से संपर्क किया।
पुलिस ने बताया कि महिला को बाद में वन स्टॉप सेंटर भेजा गया, जहां तबीयत बिगड़ने पर उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस बीच महिला के पति और भाई ने थाने पहुंचकर बताया कि डेढ़ माह की बच्ची उसी महिला की पुत्री है और वह घर से गांव में एक विवाह समारोह में जाने की बात कहकर निकली थी।
परिजनों के बयान और जांच के आधार पर यह स्पष्ट हो गया कि अज्ञात महिला द्वारा बच्ची सौंपे जाने की कहानी पूरी तरह से मनगढ़ंत थी। पुलिस को महिला के मोबाइल पर एक पुरुष के लगातार फोन आने की जानकारी भी मिली है। इसी आधार पर अन्य संभावित कारणों की भी जांच की जा रही है, हालांकि पुलिस ने इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
फिलहाल महिला जिला अस्पताल में उपचाराधीन है। महिला और बच्ची को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा, जहां उनकी सुरक्षा, महिला की मानसिक स्थिति तथा मामले की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
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