चेन्नई , सितंबर 05 -- तमिलनाडु में सतर्कता एवं भ्रष्टाचार-विरोधी निदेशालय (डीवीएसी) के अधिकारियों ने शनिवार को वरिष्ठ द्रमुक नेता एवं तमिलनाडु के पूर्व मंत्री के एन नेहरू के ठिकानों पर छापेमारी की।

यह छापेमारी 2021-26 के दौरान उनके नगर प्रशासन मंत्री रहने के समय भर्ती में कथित अनियमितताओं के सिलसिले में की गयी।

श्री नेहरू से जुड़ी 19 जगहों पर छापे मारे गये। श्री नेहरू राज्य विधानसभा में विपक्ष के उप-नेता भी हैं। उनके गृहनगर त्रिची और उनके भाई रविचंद्रन के ठिकानों पर भी पे पड़े। तलाशी अभियान में त्रिची के थिल्लई नगर में श्री नेहरू का घर और चेन्नई का एक घर शामिल था। शहर में उनके भाई के घर की भी तलाशी ली गयी।

डीवीएसी ने गत जून में श्री नेहरू के खिलाफ मामला दर्ज करने के बाद यह अभियान शुरू किया है। यह मामला पिछली द्रमुक सरकार के दौरान उनके मंत्री रहते हुए नगर प्रशासन और पानी आपूर्ति (एमएडब्ल्यूएस) विभाग में भर्ती, निविदा आवंटन और अन्य अनियमितताओं से जुड़ा था।

इससे पहले का मामला मद्रास उच्च न्यायालय के उस निर्देश के बाद दर्ज किया गया था जिसमें विभाग में भर्ती से जुड़े आरोपों पर प्राथमिकीदर्ज करने को कहा गया था। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कथित तौर पर बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का आरोप लगाया था, जिसमें नियुक्ति और निविदा प्रक्रिया शामिल थी। इसमें 2,538 इंजीनियरों और अधिकारियों की नियुक्ति में कुल 634 करोड़ रुपये की रिश्वत के आरोप भी शामिल थे। ईडी ने अवैध भर्ती, कथित निविदा में हेरफेर और आपराधिक साजिश से जुड़ी लगभग 1,020 करोड़ रुपये की अनियमितताओं का भी आरोप लगाया था।

इस बीच पार्टी अध्यक्ष एम के स्टालिन ने इसे राजनीतिक रूप से प्रेरित और "लोकतंत्र का काला पक्ष" बताया और कहा कि इसका कानूनी रूप से सामना किया जायेगा। उन्होंने तलाशी के समय पर भी सवाल उठाए और कहा कि जब मद्रास उच्च न्यायालय में मामला लंबित है और विधानसभा सत्र चल रहा है, तब डीवीएसी की कार्रवाई राजनीतिक रूप से प्रेरित है। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु की जनता अच्छी तरह जानती है कि सत्तारुढ़ टीवीके ने सरकार बनाने के लिए विपक्षी पार्टी के विधायकों से इस्तीफा दिलवाया और विधानसभा परिसर में ही विधायकों की खरीद-फरोख्त करके उन्हें अपनी पार्टी में शामिल कर लिया, लेकिन डीवीएसी ने इससे जुड़ी शिकायतों पर प्राथमिकी तक दर्ज नहीं की।

श्री स्टालिन ने कहा कि जैसे-जैसे भारतीय लोकतंत्र के अंधेरे पक्ष की ओर यह चलन बढ़ रहा है, इस "रील्स" सरकार ने लोगों का ध्यान भटकाने वाले अपने पुराने हथकंडे अपनाए हैं। उन्होंने आगे कहा कि नेहरू और द्रमुक सरकार की ऐसी डराने-धमकाने वाली चालों से नहीं डरेंगे, बल्कि हर चीज़ का कानूनी रूप से सामना करेंगे और जीत हासिल करेंगे।

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