देहरादून , मई 14 -- उत्तराखंड के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) आईपीएस दीपम सेठ ने गुरुवार को पिछले एक माह से राज्य में अपराधियों के विरुद्ध चल रहे अभियान "ऑपरेशन प्रहार" की समीक्षा की।

बैठक में बताया गया कि पूरे प्रदेश में इस दौरान 1,400 से अधिक अपराधी गिरफ्तार किए गए। जबकि 40 हजार से अधिक सत्यापन से मिले संदिग्धों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। 15 हजार वाहनों के चालान और दो हजार वाहन सीज किए गए हैं। इस बैठक की खास बात यह रही कि राज्य में विदेशी अथवा आतंकवादी समूह से जुड़े लोगों संबंधित उपलब्धि मुख्यालय स्तर से पहले नहीं बताई गई।

डीजीपी श्री सेठ ने पुलिस मुख्यालय स्थित सभागार में गढ़वाल एवं कुमाऊँ परिक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षकों, सभी जनपदों, एसटीएफ एवं जीआरपी के पुलिस अधीक्षक के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (वीसी) के माध्यम से पिछले एक माह से चल रहे राज्यव्यापी विशेष अभियान ''ऑपरेशन प्रहार'' की विस्तृत समीक्षा की।

इस दौरान बताया गया कि संगठित अपराधियों पर प्रभावी अंकुश लगाते हुए गैंगस्टर एक्ट के तहत 40 अभियुक्तों को गिरफ्तार एवं गुण्डा एक्ट के अंतर्गत 130 से अधिक व्यक्तियों के विरुद्ध निरोधात्मक कार्यवाही की गयी है। जबकि अवैध हथियारों के विरुद्ध कार्यवाही करते हुए राज्य भर से 66 अवैध शस्त्र बरामद कर सम्बन्धित के विरुद्ध आर्म्स एक्ट में अभियोग पंजीकृत करते हुए सप्लाई चेन पर कार्यवाही की जा रही है।

बैठक में अवगत कराया गया कि आतंकवादी नेटवर्क से जुड़े दो लोगों को ऊधमसिंहनगर पुलिस ने गिरफ्तार किया। अभियुक्त हरेंद्र सिंह उर्फ हनी और निखिल वर्मा को भारी मात्रा में अवैध असलाह एवं कारतूसों के साथ गिरफ्तार किया गया। इनके तार आतंकी संगठन ''अल बदर'' से जुड़े प्रकरण से पाए गए। वहीं, एसटीएफ ने पाकिस्तानी आतंकी संगठन ''अल बरक ब्रिगेड'' के संपर्क में रहे अभियुक्त विक्रांत कश्यप को देहरादून से अवैध पिस्टल एवं कारतूसों सहित गिरफ्तार किया।

इस दौरान यह भी बताया गया कि राज्य में विभिन्न स्थानों पर फर्जी पहचान एवं दस्तावेजों के साथ अवैध रूप से निवासरत तीन बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया। सार्वजनिक स्थलों पर कानून-व्यवस्था एवं आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से असामाजिक तत्वों एवं शांति भंग करने वाले 4000 से अधिक व्यक्तियों के विरुद्ध निरोधात्मक कार्यवाही की गई। रैश ड्राइविंग, ड्रंकन ड्राइविंग, फर्जी नंबर प्लेट और हूटर के दुरुपयोग एवं संदिग्ध वाहनों के विरुद्ध सघन चेकिंग अभियान चलाकर पर 15 हजार से अधिक वाहनों के चालान, 900 से अधिक अभियुक्तों को गिरफ्तार एवं दो हजार से अधिक वाहन सीज की कार्यवाही अमल में लायी गयी।

इस दौरान आठ हजार से अधिक होटल, बार, पब एवं ढाबों की सघन जांच हुई। नियमों के उल्लंघन करने वाले 1200 से अधिक व्यक्तियों के विरुद्ध विधिक कार्यवाही की गयी। बिना सत्यापन राज्य में निवास कर रहे 40 हजार से अधिक व्यक्तियों का सत्यापन कर नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही की गयी।

इसके अलावा, राज्य की आर्थिकी की रीढ़ चारधाम यात्रा में यात्रियों को साइबर ठगी से सुरक्षित करने के क्रम में लगभग 200 से अधिक फर्जी सोशल मीडिया लिंक को ब्लॉक एवं 50 से अधिक संदिग्ध मोबाइल नंबरों को बंद कराया गया। जिनके द्वारा यात्रा रजिस्ट्रेशन, हेली टिकट, होटल बुकिंग आदि के नाम पर यात्रियों से ठगी का प्रयास किया जा रहा था। इसके साथ ही संगठित रूप से धोखाधड़ी करने वाले गैर राज्य के 147 लिंक ऑपरेटरों एवं 27 फर्जी मोबाइल धारकों के विरुद्ध अभियोग पंजीकृत कर वैधानिक कार्यवाही की जा रही है।

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