बारां , जून 14 -- राजस्थान में बारां - अटरू के पूर्व विधायक पानाचंद मेघवाल ने डीजल खरीद पर 200 लीटर की सीमा निर्धारित करने और जरीकेन, ड्रम और केन में डीजल वितरण पर लगाए गए प्रतिबंध पर चिंता जताते हुए इसे किसान विरोधी निर्णय बताया है।
श्री मेघवाल ने रविवार को यहां कहा कि खरीफ सत्र के दौरान किसान खेतों की जुताई एवं अन्य कृषि कार्यों में जुटे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में किसान ट्रैक्टरों और कृषि यंत्रों के लिए पेट्रोल पंपों से ड्रम अथवा केन में डीजल लेकर खेतों तक पहुंचाते हैं। नई व्यवस्था से कृषि कार्य प्रभावित होने की आशंका है।
उन्होंने कहा कि किसान पहले से ही खाद, बीज और बढ़ती लागत की समस्याओं से जूझ रहे हैं। ऐसे समय में डीजल वितरण पर प्रतिबंध उनकी परेशानियां बढ़ाने वाला है। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों के अस्पताल, शिक्षण संस्थान, पेयजल योजनाएं और छोटे उद्योग भी जनरेटर संचालन के लिए ड्रम अथवा केन में डीजल खरीदते हैं, जिससे उनकी कार्यप्रणाली प्रभावित हो सकती है।
श्री मेघवाल ने सरकार से मांग की कि किसानों, चिकित्सालयों, शिक्षण संस्थानों, पेयजल योजनाओं एवं अन्य आवश्यक सेवाओं को जरूरत के अनुसार ड्रम, जरीकन और केन में डीजल उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए और 200 लीटर की सीमा संबंधी आदेश की समीक्षा कर आवश्यक संशोधन किया जाए।
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