भरतपुर , मई 27 -- धार्मिक महत्व के अधिक मास में चल रही ब्रज 84 कोस की लक्खी परिक्रमा के नौवें दिन भी परिक्रमा मार्ग में पड़ने वाले राजस्थान में डीग के ऐतिहासिक किले को श्रद्धालुओं के लिए निशुल्क नहीं खोले जाने से लोगों में आक्रोश व्याप्त है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार परिक्रमा के दौरान बड़े उत्साह से जब श्रद्धालु डीग के किले में प्रवेश करते हैं, तो शाम पांच बजे बाद अंदर का दूसरा द्वार बंद मिलता है, जिसकी बजह से श्रद्धालुओं को किले के दर्शन किये बिना ही दरवाजे से लौटना पड़ रहा है।

प्रशासनिक सूत्रों ने बुधवार को बताया कि अधिक मास में श्रद्धालओं के लिए किला खोलने के लिये राज्य पुरातत्व विभाग को पत्र भेजने के बावजूद परिक्रमा करने वालों के किले के दर्शन की अनुमति नहीं मिल पाई है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विधायक डॉ. शैलेश सिंह ने भी पुरातत्व विभाग और जिला प्रशासन से किले को खोलने के संबंध में चर्चा की, लेकिन इस दिशा में अब तक कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जा सका है।

श्रद्धालुओं का कहना है कि अधिक मास में ब्रज क्षेत्र में लाखों लोग परिक्रमा के लिए आ रहे हैं, लेकिन पुरातत्व विभाग की उदासीनता के कारण वे किले के दर्शन से वंचित रह रहे हैं।

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