पटना , अप्रैल 29 -- ामान्य प्रशासन विभाग के महानिदेशक-सह-मुख्य जांच आयुक्त दीपक कुमार सिंह ने बुधवार को कहा कि आय से अधिक संपत्ति मामलों में किसी भी सरकारी सेवक के खिलाफ आरोप-पत्र के गठन में गंभीरता बरतने की जरूरत है।

श्री सिंह बुधवार को बिहार प्रशासनिक-बिहार भारतीय प्रशासनिक और बिहार सचिवालय सेवा से इतर राजधानी पटना में पदास्थापित विभागों के अन्य सेवा संवर्गों के पदाधिकारियों को संबोधित करते हुये कहा कि आय से अधिक संपत्ति मामलों में किसी भी सरकारी सेवक के खिलाफ आरोप-पत्र के गठन में गंभीरता बरतने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि अधिकांश मामलों में यह आरोप पत्र दो कंडिकाओं में ही सीमित रहते हैं, जबकि नियमानुसार सरकारी सेवकों के लिए संपत्ति अर्जित करने और अपनी संपत्ति का सरकार को प्रतिवेदन देने से संबंधित नियमों का उल्लंघन ही अनुशासनिक कार्रवाई का आधार बनता है।

श्री सिंह ने कहा कि आय से अधिक संपत्ति के मामले में सीजर लिस्ट में सरकारी सेवक के मौजूदा और पुरानी संपत्ति की घोषणा, अचल संपत्ति अर्जित करने के लिए बने नियमों का अनुपालन जरूरी है। उन्होंने कहा कि किसी भी संचालन कर्ता को यह देखना जरूरी होगा कि अचल संपत्ति बनाने के क्रम में सरकारी सेवक को कहां-कहां सरकार से अनुमति लेने की जरूरत है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित