हैदराबाद , जून 13 -- रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने उन्नत मिसाइल रक्षा एवं जहाज रोधी क्षमताओं का सफल प्रदर्शन किया है और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इसको लेकर डीआरडीओ के वैज्ञानिकों को बधाई दी है।

श्री सिंह ने शनिवार को डीआरडीओ द्वारा कई अहम रक्षा तकनीकों के सफल प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने कहा कि इससे उभरते खतरों के खिलाफ भारत की रक्षा क्षमताओं को काफी मजबूती मिलेगी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर कहा कि डीआरडीओ ने लगातार तीन सफल उड़ान परीक्षण किये। इनमें लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों के खिलाफ बहु-स्तरीय रक्षा प्रणाली और मध्यम दूरी की एंटी-शिप क्षमता का प्रदर्शन किया गया। उन्होंने बताया कि बहु-स्तरीय बैलिस्टिक मिसाइल रक्षा (बीएमडी) क्षमता का सफल प्रदर्शन किया गया, जिसमें इंटरसेप्टर ने अपने लक्ष्यों को सटीक रूप से निशाना बनाया। नवीनतम तकनीकों से विकसित यह प्रणाली मिसाइल से जुड़े उभरते खतरों का मुकाबला करने के लिए तैयार की गयी है।

रक्षा मंत्री ने कहा कि इन सफल परीक्षणों ने भारत को उन चुनिंदा देशों की श्रेणी में ला खड़ा किया है जिनके पास बैलिस्टिक मिसाइल रक्षा क्षमताएं हैं और जो अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइलों (आईसीबीएम) सहित बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने में सक्षम हैं। उन्होंने नौसेना की एंटी-शिप मिसाइल - मध्यम दूरी की प्रणाली के पहले सफल उड़ान परीक्षण का भी ज़िक्र किया, जिसने मध्यम दूरी पर भारत की एंटी-शिप रक्षा क्षमता का प्रदर्शन किया।

श्री सिंह ने डीआरडीओ और वैज्ञानिक समुदाय को बधाई देते हुए कहा कि इन तकनीकों का सफल प्रदर्शन देश की रक्षा तैयारियों और रणनीतिक प्रतिरोध क्षमताओं को मजबूत करने की दिशा में एक अहम उपलब्धि है।

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