नयी दिल्ली , मई 20 -- दिल्ली कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता डॉ. नरेश कुमार ने दिल्ली सरकार से सूचना एवं प्रचार निदेशालय (डीआईपी) प्रत्यायन समिति का गठन जल्द से जल्द करने तथा पत्रकारों को पेंशन, चिकित्सा, बीमा और मेट्रो में भी मुफ्त में सफर करने की सुविधा देने की मांग की है।

इस संबंध में उन्होंने प्रदेश की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को एक ज्ञापन सौंपा है, जिसकी प्रतिलिपि उन्होंने उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू को भी भेजी है। डॉ. नरेश ने बुधवार को यहां संवाददाताओं से बातचीत करते हुए कहा कि दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार बने सवा साल से अधिक समय हो चुका है, लेकिन अभी तक डीआईपी की प्रत्यायन समिति का गठन नहीं किया गया है। इसकी वजह से राजधानी के पत्रकारों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अनेक नये पत्रकारों ने प्रत्यायन के लिए आवेदन कर रखा है, लेकिन समिति के गठन में देरी के कारण उन्हें अब तक प्रत्यायन कार्ड प्राप्त नहीं हो सका है।

उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की कि दिल्ली के पत्रकारों के लिए सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन, बेहतर मेडिकल सुविधाएं तथा हरियाणा राज्य की तर्ज पर पत्रकारों को निःशुल्क जीवन बीमा की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाए।

इसके साथ ही उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में दिल्ली में यातायात का सबसे बड़ा सहारा मेट्रो है। पत्रकारों को दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) में मुफ्त पास की सुविधा तो मिलती है, लेकिन उन्हें दिल्ली मेट्रो में भी निःशुल्क यात्रा की सुविधा प्रदान की जानी चाहिए, ताकि वे बिना आर्थिक बोझ के दूर-दराज क्षेत्रों में जाकर अपनी पत्रकारिता का कार्य कर सकें।

डॉ. नरेश ने कहा कि पहले दिल्ली के पत्रकारों को रेलवे टिकट में 50 प्रतिशत तक की छूट मिलती थी, जिसे कोरोना काल के दौरान केंद्र सरकार द्वारा बंद कर दिया गया था। उन्होंने इस सुविधा को तत्काल प्रभाव से पुनः लागू करने की मांग की।

उन्होंने अपने ज्ञापन में कहा है कि आम आदमी पार्टी (आप) सरकार के दौरान दिल्ली सचिवालय में पत्रकारों के प्रवेश पर समय संबंधी प्रतिबंध लगा दिया गया था, जिसके तहत पत्रकारों को अपराह्न तीन बजे से पहले सचिवालय में प्रवेश की अनुमति नहीं थी, जबकि कांग्रेस सरकार के समय पत्रकार किसी भी समय सचिवालय आ-जा सकते थे।

डॉ. नरेश ने मांग की कि पत्रकारों को पुनः यह स्वतंत्र सुविधा उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र का चौथा स्तंभ माने जाने वाले पत्रकारों की समस्याओं का समाधान सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए और उनके सम्मान व सुविधा के लिए ठोस कदम उठाए जाने आवश्यक हैं।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित