नयी दिल्ली , सितंबर 15 -- कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे तथा लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के संसद में यूपीआई भुगतान पर कोई टैक्स या शुल्क नहीं लगाने के आश्वासन के बावजूद मोदी सरकार ने दो हजार रुपये से अधिक के यूपीआई कारोबारी लेनदेन पर शुल्क लगाने का रास्ता खोल दिया है।

श्री खरगे ने मंगलवार को सोशल मीडिया पर लिखा 'नो फीस ऑन यूपीआई' को बदलकर अब 'दो हजार रुपये तक के यूपीआई लेनदेन पर नो फीस' कर दिया गया है। गगनचुंबी महंगाई से आम आदमी की जेब पहले ही खाली है और थोक महंगाई 10 प्रतिशत के करीब है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार जनता पर 'डिजिटल पेमेंट्स टैक्स' लगाकर उसकी बची-खुची बचत को भी तबाह करने की योजना बना रही है।

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि कई खबरों के मुताबिक पांच हजार रुपये के लेनदेन पर 25 रुपये और 10 हजार रुपये पर 50 रुपये तक की संभावित वसूली की जाएगी। उन्होंने सरकार से सवाल किया है कि ये खबरें क्या सही हैं।

श्री गांधी ने कहा कि अब दो हजार रुपये से ऊपर के मर्चेंट यूपीआई लेनदेन पर एमडीआर लगाया जा सकता है। इन लेनदेन की संख्या भले ही केवल पांच प्रतिशत हो लेकिन यूपीआई के कुल लेनदेन मूल्य का करीब 65 प्रतिशत इन्हीं में है।

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