गांधीनगर , फरवरी 15 -- गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने रविवार को यहां सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (सीबीडीसी) आधारित एक सार्वजनिक वितरण व्यवस्था (पीडीएस) प्रणाली का शुभारंभ किया जो पीडीएस को पारदर्शी, आधुनिक व सरल बनाने के लिए शुरू की गयी है। श्री शाह ने अन्नपूर्णा राशन वितरण मशीन का लोकार्पण किया जो 35 मिनट में 25 किलो अनाज वितरित करेगी। गृहमंत्री ने कहा कि इसे 3-4 साल में पूरे देश में पहुंचाया जाएगा और इससे राशन की दुकान से गरीबों तक अनाज पहुंचान की व्यवस्था में भ्रष्टाचार बिल्कुल खत्म होगा।

इस अवसर पर उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रल्हाद जोशी और गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

श्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी की प्रेरणा से आज डिजिटल इंडिया का विस्तार खाद्य और आपूर्ति की व्यवस्था तक पहुंच रहा है। आज डिजिटल इंडिया, देश के गरीबों को सस्ता अनाज देने के क्षेत्र में पदार्पण कर रहा है। शाह ने कहा कि इस पद्धति से गरीबों को राशन देने के सिस्टम में से भ्रष्टाचार पूरी तरह से खत्म हो जाएगा।

श्री शाह ने कहा कि देश में कनेक्टिविटी के विस्तार से अब डिजिटल तरीके से गरीबों को सीधे अनाज मिलने की व्यवस्था हो जाएगी। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) ने देश में से घपले-घोटालों को समाप्त कर दिया, उसी प्रकार खाद्य आपूर्ति मंत्रालय का यह कदम आने वाले दिनों में पारदर्शी वितरण प्रणाली सुनिश्चित करेगा।

मंत्री ने कहा कि टेक्नोलॉजी और प्रधानमंत्री मोदी जी की गरीबों के प्रति संवेदना का अनूठा संगम यह वितरण प्रणाली सुरक्षित, पारदर्शी तरीके से गरीबों के अधिकार की सुरक्षा का माध्यम बनेगी। उन्होंने कहा कि आज अन्नपूर्ति मशीन का भी लोकार्पण हुआ है, जो 35 सेकंड में 25 किलो अनाज का वितरण कर रही है।

श्री शाह ने कहा कि 3-4 साल में ही पूरे देश में यह प्रणाली लागू हो जाएगी।उन्होंने कहा कि यह अनाज वितरण प्रणाली पूरी तरह से पारदर्शी होगी और इसके लागू होने के बाद देश के हर गरीब को 5 किलो मुफ्त अनाज मिल सकेगा। यह बेहतर गुणवत्ता, सटीक मात्रा और पारदर्शी वितरण में अन्नपूर्ति मशीन सहायक सिद्ध होगी।

श्री शाह ने कहा कि आज देश के 1 लाख 7 हज़ार गांवों में कनेक्टिविटी पहुंच गई है।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि मुख्य विपक्षी पार्टी और उनकी सरकार हमेशा झूठ बोलकर जनता को गुमराह करते हैं। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार में कृषि बजट मात्र 26 हज़ार करोड़ रूपए था जिसे प्रधानमंत्री मोदी जी ने बढ़ाकर 1 लाख 29 हज़ार करोड़ रूपए कर दिया है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार ने 70 साल में सिर्फ एक बार कर्ज़ माफी से किसानों को गुमराह करने का काम किया जबकि प्रधानमंत्री मोदी जी 10 साल से हर किसान के बैंक खाते में 6 हज़ार रुपए हर साल भेजकर ऐसी व्यवस्था कर रहे हैं कि किसान को कर्ज लेना ही न पड़े।

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