नोएडा , मई 26 -- उत्तर प्रदेश में नोएडा सेक्टर 36 स्थित साइबर अपराध थाना पुलिस ने "डिजिटल अरेस्ट" के नाम पर हुई 2.10 करोड़ रुपये की बड़ी साइबर ठगी मामले में कार्रवाई करते हुए एक म्यूल खाता धारक को गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी उन्होंने बताया कि 10 अप्रैल को अज्ञात साइबर अपराधियों ने खुद को राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (एनआईए), पुणे का अधिकारी बताकर पीड़ित से संपर्क किया। ठगों ने पीड़ित को यह कहकर डराया कि उसके आधार कार्ड से संचालित बैंक खाते टेरर फंडिंग में इस्तेमाल हो रहे हैं और उसे जल्द गिरफ्तार किया जा सकता है।
इसके बाद आरोपियों ने व्हाट्सएप के माध्यम से भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) के नाम से फर्जी पत्र और वारंट भेजे तथा लगातार मानसिक दबाव बनाकर पीड़ित से कुल दो करोड़ दस लाख रुपये विभिन्न खातों में ट्रांसफर करा लिए। पीड़ित की शिकायत पर नोएडा साइबर अपराध थाना में बीएनएस एवं 66 डी आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। इस मामले में पुलिस पहले ही दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।
साइबर अपराध थाना पुलिस ने इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के विश्लेषण और अभिसूचना संकलन के आधार पर कार्रवाई करते हुए आज आरोपी अमन कुमार (26) पुत्र संजय कुमार निवासी चरखी दादरी, हरियाणा को गिरफ्तार किया।
जांच में सामने आया कि आरोपी के बैंक खाते में साइबर ठगी से संबंधित दो करोड़ बीस लाख रुपये ट्रांसफर हुए थे। पुलिस के अनुसार आरोपी का बैंक खाता साइबर अपराधियों द्वारा ठगी की रकम के लेन-देन के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था।
पुलिस जांच में यह भी पता चला है कि आरोपियों के संयुक्त बैंक खातों के खिलाफ देश के कई राज्यों में शिकायतें दर्ज हैं। इनमें उत्तर प्रदेश, केरल, राजस्थान, गुजरात, कर्नाटक और महाराष्ट्र शामिल हैं।
साइबर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के झांसे में न आएं और "डिजिटल अरेस्ट" जैसी फर्जी बातों से सावधान रहें।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित