जयपुर , अगस्त 06 -- राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने नागौर के डांगावास हत्याकांड में सभी चालीस आरोपियों को बरी कर देने के ग्यारह साल बाद आये फैसले को बेहद चिंताजनक बताते हुए कहा है कि पीड़ित परिवारों का सवाल जायज है कि अगर 40 आरोपी बरी हो गए तो इन छह लोगों की हत्या आखिर किसने की।

श्री गहलोत ने गुरुवार को अपने बयान में यह बात कही। उन्होंने कहा कि नागौर के डांगावास हत्याकांड में 11 साल बाद आया फैसला बेहद चिंताजनक है। 2015 में जमीन विवाद में 5 दलितों समेत छह लोगों की निर्मम हत्या हुई थी और अब अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (एससी-एसटी) विशेष अदालत ने सभी 40 आरोपियों को संदेह का लाभ देकर बरी कर दिया। पीड़ित परिवारों का सवाल जायज है, अगर 40 आरोपी बरी हो गए तो इन 6 लोगों की हत्या आखिर किसने की।

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