मुंबई , सितंबर 30 -- महाराष्ट्र पुलिस ने शिवसेना (यूबीटी) नेता प्रदीप उर्फ बाला पुरनेकर की हत्या की जांच तेज कर दी है। श्री पुरनेकर की मंगलवार देर रात ठाणे में अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी।

अपराध शाखा और कपूरबावड़ी पुलिस कई लोगों से पूछताछ कर रही है, सीसीटीवी फुटेज देख रही है और कॉल रिकॉर्ड की जांच कर रही है ताकि हमलावरों की पहचान की जा सके और उनका मकसद पता लगाया जा सके।

हत्या के बाद घोड़बंदर रोड पर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गये और शिवसेना (यूटीबी) के कार्यकर्ताओं ने जिम्मेदार लोगों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग की। इस बीच, श्री पुरनेकर के परिवार ने आरोप लगाया कि हमले से पहले उन्हें धमकियां मिली थीं और कुछ खास लोगों पर साजिश में शामिल होने का आरोप लगाया। पुलिस ने इन आरोपों को सार्वजनिक रूप से साबित नहीं किया है।

शिवसेना (यूटीबी) के विभाग प्रमुख के तौर पर काम करने वाले पुरनेकर पर ठाणे शहर के मनोरमा नगर-गणेश नगर इलाके में हमला किया गया, जो कपूरबावड़ी थाना क्षेत्र में आता है। पुलिस के मुताबिक, हमलावरों ने मौके से भागने से पहले उन पर दो राउंड गोलियां चलाईं। श्री पुरनेकर को गंभीर चोटें आईं और उन्हें आर मॉल के पास इनफिनिटी हॉस्पिटल ले जाया गया, जहाँ इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुँचे और हमलावरों का पता लगाने के लिए कई टीमें लगाई गईं।

जांच अधिकारी इलाके से सीसीटीवी फुटेज की जाँच कर रहे हैं। श्री पुरनेकर के कॉल डेटा रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। मामले के संबंध में गवाहों और दूसरे लोगों से पूछताछ कर रहे हैं। हत्या का मकसद अभी तक पता नहीं चला है।

उनकी मौत के बाद गुस्साए समर्थक अस्पताल के बाहर जमा हो गए और बाद में घोड़बंदर रोड पर रास्ता जाम कर दिया। प्रदर्शनकारी सड़क पर बैठ गए और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग करते हुए पूर्णेकर को न्याय दिलाने के नारे लगाए तथा 'एक ही दादा, प्रदीप दादा' के नारे लगाए। प्रदर्शन के कारण व्यस्त सड़क पर कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित हुआ और जाम लग गया।

श्री पुरनेकर के पुत्र राम प्रदीप पुरनेकर ने आरोप लगाया कि मीनाक्षी शिंदे और राजेंद्र शिंदे ने उनके पिता को जान से मारने की धमकी दी थी। उन्होंने कहा कि जब तक न्याय नहीं मिलता, वह प्रदर्शन स्थल पर ही रहेंगे। उन्होंने दावा किया कि उनके पिता पप्या शिंदे को 'काका' कहकर बुलाते थे। इस मामले में पप्या को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि राजेंद्र शिंदे ने एक बैठक बुलाई थी और कथित तौर पर घटना की साजिश रचने के लिए जिम्मेदार हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, परिवार ने ये आरोप लगाए हैं, लेकिन पुलिस ने स्वतंत्र रूप से इनकी पुष्टि नहीं की है।

श्री पुरनेकर के बड़े भाई एवं पूर्व नगरसेवक जयनाथ पुरनेकर ने आरोप लगाया कि हत्या से पहले की घटनाएं गणेशोत्सव से ही चल रही थीं और दावा किया कि आरोपियों ने इलाके की रेकी की थी। उन्होंने इससे पहले बालू नामक व्यक्ति पर भरोसा नहीं करने की चेतावनी का भी जिक्र किया।

उन्होंने आरोप लगाया कि उन्होंने पहले राजेंद्र शिंदे के राजनीतिक उत्थान में मदद की थी और दावा किया कि उनके समर्थन से एक महिला महापौर बनी थी। उन्होंने कहा कि वह "शिंदे साहब" से अपील करेंगे और घटनाक्रम को लेकर अपनी चिंताओं से उन्हें अवगत कराएंगे।

उन्होंने हत्या की विस्तृत जांच की भी मांग की और इसकी तुलना क्लस्टर मामले की जांच से की। उन्होंने कहा कि पुलिस ने परिवार को बताया है कि तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है और गिरफ्तार लोगों में टल्ली तथा पप्या शिंदे के नाम शामिल हैं। गिरफ्तार लोगों की गिरफ्तारी का विवरण और उनकी सटीक भूमिका पुलिस जांच तथा बाद की कानूनी कार्यवाही के जरिए स्पष्ट होगी।

श्री पुरनेकर घोड़बंदर-मानपाड़ा क्षेत्र की स्थानीय राजनीति में सक्रिय थे। सितंबर 2025 में उन पर ठाणे के होटलों में टेलीविजन सेटों में कथित तौर पर तोड़फोड़ करने के आरोप में पुलिस मामला दर्ज किया गया था।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित