मुंबई , सितंबर 26 -- महाराष्ट्र में चुनाव आयोग की मतदाता सूची के 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (एसआईआर) के विरोध में ठाकरे बंधुओं ने हाथ मिलाया है और चार अक्टूबर को मुंबई में संयुक्त जन-आंदोलन करने की घोषणा की है।

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के प्रमुख राज ठाकरे और शिवसेना (यूबीटी) अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने एक संयुक्त अपील पर हस्ताक्षर किये हैं। इसमें नागरिकों एवं विपक्षी दलों से 'जनमोर्चा' में शामिल होने की अपील की गयी है।

यह प्रस्तावित आंदोलन ऐसे समय में हो रहा है जब विपक्षी पार्टियां एसआईआर प्रक्रिया की आलोचना कर रही हैं और मसौदा मतदाता सूची से बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने को लेकर चिंताएं व्यक्त कर रही हैं। अलग-अलग राज्यों के मुख्य निर्वाचन कार्यालयों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, सितंबर की शुरुआत तक 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मसौदा मतदाता सूची से 13 करोड़ से ज़्यादा नाम हटा दिये गये थे। इस प्रक्रिया में वे नाम भी शामिल हैं जिन्हें मतदाता के मौजूद न होने, दूसरी जगह चले जाने, मृत्यु हो जाने या एक ही व्यक्ति के नाम की दो बार शामिल होने जैसे कारणों से हटाया गया है।

ठाकरे परिवार ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर कड़ा हमला किया है और चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूची में संशोधन प्रक्रिया को संभालने के तरीके पर सवाल उठाये हैं। नेताओं ने चुनाव आयोग पर सत्तारुढ़ पार्टी की शाखा की तरह काम करने और साथी चुनाव आयुक्तों के कड़े विरोध को नज़रअंदाज़ करने का आरोप लगाया है।

अपनी संयुक्त अपील में ठाकरे बंधुओं ने चुनाव आयोग के भीतर कथित मतभेदों पर भी चिंता व्यक्त की है और आयोग पर राजनीतिक दलों और हितधारकों की आपत्तियों का ठीक से समाधान न कर पाने का आरोप लगाया है।

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