नोएडा , मार्च 20 -- उत्तर प्रदेश के नोएडा सेक्टर 36 स्थित साइबर अपराध थाना पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। थाना साइबर अपराध थाना पुलिस ने डिजिटल अरेस्ट के नाम पर लोगों को डराकर ठगी करने वाले दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से घटना में प्रयुक्त दो मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं।
शुक्रवार को पुलिस ने बताया कि पीड़ित द्वारा दी गई शिकायत दी गई थी, की तेरह मार्च को अज्ञात आरोपियों ने खुद को भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (टीआरएआई) का अधिकारी बताकर कॉल किया। उन्होंने पीड़ित को यह कहकर डराया कि उसके मोबाइल नंबर से अश्लील वीडियो भेजे जा रहे हैं, जिसकी जांच मुंबई क्राइम ब्रांच/सीबीआई द्वारा की जा रही है।
इसके बाद आरोपियों ने "डिजिटल अरेस्ट" का भय दिखाकर जांच के नाम पर पीड़ित से ठगी कर ली।
मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना साइबर क्राइम में मुकदमा दर्ज कर पुलिस टीम का गठन किया गया और त्वरित कार्रवाई शुरू की गई।
गत गुरुवार को पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर सेंट्रल नोएडा के सेक्टर-63 क्षेत्र से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान,रिषभ तिवारी (21 वर्ष), निवासी अमेठी, कुवंर शुक्ला (20 वर्ष), निवासी अमेठी के रूप में हुई।
जांच में सामने आया कि दोनों आरोपी साइबर ठगी गिरोह को अपने बैंक खाते उपलब्ध कराते थे।
इनके खातों में दस लाख से अधिक रुपए का लेन-देन मिला है।
देश के अलग-अलग राज्यों से इनके खिलाफ 6 शिकायतें दर्ज हैं (उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, दिल्ली, बिहार और जम्मू-कश्मीर)अब तक करीब चार करोड़ सत्रह लाख रुपये की धोखाधड़ी से जुड़ा नेटवर्क सामने आया है।
आरोपियों के खिलाफ थाना साइबर अपराध थाने मे बीएनएस की विभिन्न धाराओं और आईटी एक्ट की धारा में मुकदमा दर्ज किया गया है।
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