भोपाल , मई 19 -- मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में सेवानिवृत्त न्यायाधीश की बहू ट्विशा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। एम्स भोपाल की प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शव पर कई चोटों के निशान मिलने का उल्लेख होने के बाद मृतका के परिजन हत्या की आशंका जता रहे हैं, जबकि ससुराल पक्ष ने रिपोर्ट पर सवाल उठाए हैं।

मृतका के परिजनों ने आरोप लगाया है कि पोस्टमार्टम प्रक्रिया के दौरान गंभीर लापरवाही बरती गई। उनका कहना है कि जिस बेल्ट से फांसी लगाने की बात कही गई, उसे जांच अधिकारी समय पर एम्स नहीं ले गए, जिसके कारण चिकित्सक कथित फांसी के साधन और गर्दन के निशानों का वैज्ञानिक परीक्षण नहीं कर सके। परिजनों ने मामले की जांच मध्यप्रदेश से बाहर किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराने और दिल्ली एम्स में दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग की है। इसी कारण आठ दिन बाद भी अंतिम संस्कार नहीं किया गया है।

इस बीच, मामले में आरोपी बनाए गए पति समर्थ सिंह की अग्रिम जमानत याचिका सोमवार को अदालत ने खारिज कर दी थी। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। एसीपी रजनीश कश्यप कौल ने बताया कि आरोपी की तलाश के लिए छह टीमें गठित की गई हैं और शीघ्र गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।

मृतका की सास और सेवानिवृत्त न्यायाधीश गिरिबाला सिंह ने मीडिया से चर्चा में पोस्टमार्टम रिपोर्ट को सनसनी फैलाने वाला बताया। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट में चोटों का स्पष्ट विवरण नहीं दिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि परिवार किसी भी एजेंसी से जांच कराने के लिए तैयार है और जांच में पूरा सहयोग करेगा।

गिरिबाला सिंह ने दावा किया कि ट्विशा ने अपनी इच्छा से गर्भपात कराया था और बाद में अवसाद में रहने लगी थी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मृतका नशे की आदी थी, हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। दूसरी ओर मृतका के परिजनों ने आरोप लगाया कि उसे दहेज और मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ रहा था।

ट्विशा की भाभी राशि ने आरोप लगाया कि ससुराल पक्ष द्वारा लगातार ताने दिए जाते थे और इसी कारण वह मानसिक तनाव में थी। परिजनों का कहना है कि ट्विशा आत्महत्या जैसा कदम नहीं उठा सकती थी और उसकी मौत संदिग्ध परिस्थितियों में हुई है।

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