बैतूल , फरवरी 22 -- मध्यप्रदेश के बैतूल शहर में यातायात प्रबंधन और समग्र विकास को लेकर बड़े कदम उठाए जाने की तैयारी है। प्रमुख चौराहों पर ट्रैफिक सिग्नल लगाए जाएंगे और रिंग रोड परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट में संशोधन किया गया है। नगर सीमा विस्तार के तहत आसपास के गांवों को शामिल कर शहर को आधुनिक सुविधाओं से युक्त विकसित स्वरूप देने की योजना पर काम चल रहा है। यह जानकारी भाजपा प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने यहां आयोजित पत्रकार वार्ता में दी।

उन्होंने राज्य के बजट घाटे को लेकर विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे सवालों पर कहा कि बजट घाटा वित्तीय प्रक्रिया का सामान्य हिस्सा है। राज्य का बजट भारतीय रिजर्व बैंक की गाइडलाइन और सकल घरेलू उत्पाद के निर्धारित अनुपात के भीतर है। इस बार राज्य का कुल बजट 4 लाख 38 हजार करोड़ रुपए का है, जो पिछले वर्षों की तुलना में अधिक है। उन्होंने कहा कि बजट का आकार बढ़ने का अर्थ विकास और बुनियादी ढांचे पर बढ़ते निवेश से है।

किसानों से जुड़े मुद्दों पर उन्होंने कहा कि गेहूं और धान के न्यूनतम समर्थन मूल्य पर सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है और किसानों को तय दरों पर भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा। केंद्र से मिलने वाली राशि को लेकर फैलाई जा रही आशंकाओं को उन्होंने निराधार बताया।

उन्होंने बताया कि बैतूल जिला कृषि और पशुपालन के क्षेत्र में नवाचार की दिशा में आगे बढ़ रहा है। जिले में लगभग 40 लाख रुपए की लागत से 300 गोबर गैस प्लांट स्थापित किए जा रहे हैं। दुग्ध उत्पादकों को बेहतर मूल्य दिलाने के प्रयास भी जारी हैं।

शहर में बढ़ते यातायात दबाव को देखते हुए प्रमुख चौराहों पर ट्रैफिक सिग्नल लगाने का निर्णय लिया गया है। रिंग रोड परियोजना में संशोधन कर बाहरी क्षेत्रों में यातायात का दबाव कम करने की योजना है। नगर सीमा विस्तार के तहत बडोरा, मलामझिरी और धनौरा जैसे गांवों को शामिल कर नियोजित विकास का खाका तैयार किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि पुरानी जेल की जमीन को नगर पालिका को सौंपने का प्रस्ताव शासन स्तर पर प्रक्रिया में है, ताकि उसका उपयोग शहर के विकास कार्यों में किया जा सके। साथ ही ऐतिहासिक महत्व को ध्यान में रखते हुए गुरु गोलवलकर स्मारक निर्माण का प्रस्ताव भी भेजा गया है।

प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि राज्य में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए बड़े निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। 30 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्तावों में से 9 लाख करोड़ रुपए की परियोजनाओं पर कार्य प्रारंभ हो चुका है। राज्य का पूंजीगत बजट एक लाख करोड़ रुपए तक पहुंचा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन योजनाओं से बैतूल सहित पूरे प्रदेश में आधारभूत संरचना और रोजगार के अवसरों में वृद्धि होगी।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित