चंडीगढ़ , अक्टूबर 09 -- पंजाब विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष एवं शिरोमणि अकाली दल (पुनर सुरजीत) के संरक्षक रवि इंदर सिंह ने शुक्रवार को कहा कि ट्रेनों को रद्द करने या भावनात्मक अपील करने से आंदोलन नहीं रुकते। सरकार को विरोध की आवाज सुनकर विवेकपूर्ण तरीके से समस्याओं का समाधान करना चाहिए, ताकि युवा आंदोलन का रास्ता अपनाने के बजाय देश की प्रगति में भागीदार बनें।

पार्टी के मीडिया प्रभारी तजिंदर सिंह पन्नू की ओर से जारी बयान में श्री सिंह ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग तथा मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में कथित अनियमितताओं को लेकर विपक्षी दलों और युवा संगठनों की चिंताओं पर गंभीरता से विचार करने की अपील की।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष को शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने और विरोध दर्ज कराने का पूरा अधिकार है। दिल्ली में व्यापक सुरक्षा व्यवस्था, कड़े प्रतिबंधों और बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मियों की तैनाती से लोगों में चिंता पैदा हो सकती है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ सरकार की जिम्मेदारी लोकतांत्रिक अधिकारों और शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार की रक्षा करनाभी है।

श्री सिंह ने कहा कि चुनाव आयोग की जिम्मेदारी चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता में नागरिकों का भरोसा बनाए रखना है। एसआईआर के दौरान किसी पात्र मतदाता का नाम सूची से हटने या मतदान का अधिकार साबित करने में कठिनाई आने पर उसकी शिकायत का समयबद्ध और निष्पक्ष निपटारा होना चाहिए। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त से विपक्षी प्रतिनिधियों के साथ बातचीत करने और एसआईआर को लेकर उठाई गई आपत्तियों का तथ्यों के आधार पर जवाब देने की अपील की।

उन्होंने कहा कि जांच में गंभीर अनियमितताएं सामने आने पर कानून के अनुसार सुधारात्मक कदम उठाए जाने चाहिए। मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग पर भी संवैधानिक मर्यादाओं, उपलब्ध तथ्यों और स्थापित प्रक्रियाओं के अनुरूप विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने केंद्र सरकार, चुनाव आयोग और विपक्षी दलों से आपसी संवाद के जरिये समाधान निकालने की अपील करते हुए कहा कि इससे पात्र मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा और चुनाव प्रक्रिया में जनता का विश्वास बनाए रखने में मदद मिलेगी।

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