नयी दिल्ली , जून 17 -- दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने बुधवार को कहा कि ट्रेड लाइसेंस और संपत्ति कर को लिंक करने के बाद भी नगर निगम का पोर्टल अपडेट नहीं हो सका है और ये भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) शासित दिल्ली सरकार और नगर निगम की बड़ी विफलता है।

श्री यादव ने यहां जारी बयान में कहा कि अप्रैल में जारी आदेश के ढाई महीने बाद भी पोर्टल अपडेट न होने से लाखों व्यापारिक प्रतिष्ठानों के ट्रेड लाइसेंस का नवीनीकरण रुका हुआ है। होटल, रेस्टोरेंट, जिम, कैफे, डेयरी, अस्पताल, मेडिकल स्टोर, गोदाम और अन्य व्यवसायिक प्रतिष्ठान लाइसेंस नवीनीकरण के लिए इंतजार कर रहे हैं। इस देरी के कारण व्यापारियों पर प्रतिदिन 500 रुपये तक जुर्माने और दुकानों की सीलिंग का खतरा मंडरा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में व्यापारी पहले से ही सीलिंग, सर्वे और कारोबार में मंदी की मार झेल रहे हैं।

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि संपत्ति कर और ट्रेड लाइसेंस को जोड़ने की नयी व्यवस्था किरायेदार दुकानदारों के लिए भी परेशानी बन सकती है। यदि भवन मालिक संपत्ति कर जमा नहीं करेगा तो किराएदार का लाइसेंस भी प्रभावित होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 30 जून तक पोर्टल अपडेट नहीं हुआ तो संपत्ति कर पर मिलने वाली 10 प्रतिशत की छूट भी समाप्त हो जायेगी, जिससे व्यापारियों और आम नागरिकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा।

श्री यादव ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और दिल्ली की मेयर से तत्काल पोर्टल अपडेट कराने, लाइसेंस नवीनीकरण में देरी पर जुर्माना माफ करने तथा व्यापारियों को सीलिंग और दंडात्मक कार्रवाई से राहत देने की मांग की।

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