खरगोन , मार्च 11 -- मध्यप्रदेश के खरगोन जिला मुख्यालय के बाहरी क्षेत्र में स्थित ट्रेंचिंग ग्राउंड में कचरे में लगी आग पर काबू पाने के बाद उससे निकल रहा धुआं भी समाप्त कर दिया गया है। इसी बीच धुएं के कारण सांस लेने में तकलीफ होने के बाद अस्पताल से इंदौर रेफर किए गए दो वर्षीय बच्चे की मौत हो गई।

कलेक्टर भव्या मित्तल ने बताया कि ट्रेंचिंग ग्राउंड में लगी आग को नियंत्रित कर लिया गया है, हालांकि सोमवार तक कचरे से धुआं निकल रहा था। स्थिति से निपटने के लिए मंगलवार को आठ फायर टेंडर तथा करीब एक दर्जन पोकलेन और जेसीबी मशीनें लगाई गईं। कचरे को पलटकर धुआं समाप्त करने के लिए उस पर फोम का छिड़काव किया गया और बीती रात तक धुएं पर पूरी तरह नियंत्रण कर लिया गया।

उन्होंने बताया कि ट्रेंचिंग ग्राउंड के पास स्थित गोपालपुरा सहित शहर के कुछ हिस्सों में धुएं का असर देखा गया था, लेकिन इसे घातक नहीं माना गया है। दो वर्षीय बच्चे की मौत की सूचना मिली है, हालांकि फिलहाल इसे सीधे तौर पर धुएं के प्रदूषण से जोड़कर नहीं देखा जा सकता। मामले की जांच के लिए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी और उनकी टीम को क्षेत्र में भेजा गया है।

कलेक्टर ने बताया कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ट्रेंचिंग ग्राउंड के चारों ओर बाउंड्री वॉल बनाने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है और निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जाएंगे।

वहीं गोपालपुरा निवासी साजिद शेख ने आरोप लगाया कि ट्रेंचिंग ग्राउंड से उठ रहे धुएं के कारण उनके दो वर्षीय बेटे अली को सांस लेने में परेशानी हुई थी। उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से हालत बिगड़ने पर इंदौर रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. दौलत सिंह चौहान ने बताया कि प्रथम दृष्टया बच्चे की मौत अस्थमा के कारण प्रतीत होती है। बच्चे का इलाज जिला अस्पताल में किया गया था, लेकिन हालत में सुधार नहीं होने पर उसे उच्च उपचार के लिए रेफर किया गया था।

नगर पालिका की मुख्य नगर पालिका अधिकारी कमला कौल ने बताया कि आग बुझाने के लिए फायर फाइटर के लगभग 200 फेरे लगाए गए और टैंकरों से लगातार पानी डाला गया। एहतियात के तौर पर ट्रेंचिंग ग्राउंड पर रातभर फायर टेंडर तैनात रखे गए हैं।

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