लखनऊ , मार्च 29 -- ट्रांसजेंडर पर्सन्स (प्रोटेक्शन ऑफ राइट्स) संशोधन विधेयक 2026 के विरोध में लखनऊ में रविवार को क्वीयर समुदाय और नागरिक समाज के लोगों ने जोरदार प्रदर्शन किया। बेगम हज़रत महल पार्क गेट, परिवर्तन चौक से केडी सिंह बाबू स्टेडियम मेट्रो स्टेशन तक मार्च निकालते हुए प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा।
इस मार्च में बड़ी संख्या में छात्र, युवा, महिलाएं और विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ता शामिल हुए। ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन, स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया, बापसा, सीटू सहित कई संगठनों ने एकजुटता दिखाई। पूरे मार्च के दौरान "ट्रांस राइट्स मानवाधिकार हैं" और "संविधान की रक्षा करो" जैसे नारे गूंजते रहे।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यह विधेयक स्व-पहचान के अधिकार को कमजोर करता है और उसे प्रशासनिक व चिकित्सा प्रक्रियाओं के अधीन कर देता है। उन्होंने इसे नालसा बनाम भारत संघ (2014) के ऐतिहासिक निर्णय के खिलाफ बताया, जिसने ट्रांसजेंडर समुदाय को आत्म-पहचान का अधिकार दिया था।
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