वाशिंगटन , अगस्त 29 -- अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार रात दावा किया कि अमेरिका ने वेनेजुएला के साथ तेल संबंधी एक समझौता किया है, जिसके तहत 65 अरब बैरल से अधिक प्रमाणित तेल भंडार पर अमेरिका को प्रभावी नियंत्रण मिलेगा। इस समझौते से अमेरिकी तेल भंडार दोगुने से अधिक हो जाएंगे, तेल की आपूर्ति बढ़ेगी और आने वाले वर्षों में अमेरिकी नागरिकों के लिए पेट्रोल की कीमतें कम होंगी।
श्री ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कहा कि उनके निर्देश पर विदेश मंत्री मार्को रुबियो और युद्ध मंत्री पीट हेगसेथ ने वेनेजुएला की अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज के साथ मिलकर निजी क्षेत्र की भागीदारी के जरिए यह समझौता किया है। उन्होंने दावा किया कि इससे अमेरिकी करदाताओं पर कोई खर्च नहीं आएगा।
श्री ट्रंप ने कहा, "यह ऐतिहासिक समझौता अमेरिकी तेल भंडार को दोगुने से अधिक करता है, हमारी तेल आपूर्ति में भारी वृद्धि करता है और सभी अमेरिकियों के लिए पेट्रोल की कीमतों में उल्लेखनीय कमी लाएगा।"अमेरिका में पेट्रोल की औसत कीमत फिलहाल चार डॉलर प्रति गैलन से अधिक है और नवंबर में होने वाले मध्यावधि चुनावों से करीब दो महीने पहले श्री ट्रंप का कीमतें कम करने पर जोर महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
व्हाइट हाउस के एक अधिकारी के अनुसार, समझौते के तहत अमेरिका को एक नयी निजी संयुक्त उद्यम कंपनी के तेल उत्पादन में 55 प्रतिशत का प्रभावी हिस्सा मिलेगा। अधिकारी ने बताया कि यह कंपनी भंडार के लिहाज से दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी निजी तेल कंपनी होगी।
अधिकारी के अनुसार, सुश्री रोड्रिगेज ने अमेरिकी समर्थन से तेल क्षेत्रों के लिए एक निजी कंपनी को 100 साल की रियायतें प्रदान की हैं। यह कंपनी वेनेजुएला में अमेरिकी सरकार और एक निजी संचालक की संयुक्त परियोजना होगी।
अमेरिकी सरकार को कंपनी के मूल्य का आधे से अधिक हिस्सा इक्विटी स्वामित्व और लागत मूल्य पर तेल की सुनिश्चित खरीद के माध्यम से मिलेगा। उत्पादन बढ़ने के साथ इस तेल की स्थिर आपूर्ति का इस्तेमाल अमेरिका के रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार को भरने और अमेरिकी सेना की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए किया जाएगा।
श्री रुबियो ने समझौते को "अमेरिकी और वेनेजुएला के लोगों के लिए बड़ी जीत" बताया। उन्होंने कहा कि इससे वेनेजुएला में करीब 100 अरब डॉलर का निजी निवेश, हजारों उच्च वेतन वाली नौकरियां और अर्थव्यवस्था के पुनर्निर्माण को बढ़ावा मिल सकता है।
सुश्री रोड्रिगेज ने भी समझौते का स्वागत करते हुए कहा कि देश का लक्ष्य ऊर्जा उत्पादक शक्ति के रूप में अपनी स्थिति मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि देश के विशाल तेल भंडार का इस्तेमाल राष्ट्रीय विकास, रोजगार सृजन, श्रमिकों की आय बढ़ाने और लोगों के कल्याण के लिए किया जाएगा।
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब ईरान युद्ध के कारण वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित हुई है और अमेरिका के आपातकालीन तेल भंडार में भी काफी कमी आयी है। ट्रंप प्रशासन का कहना है कि वेनेजुएला के तेल क्षेत्र में अमेरिकी भागीदारी से पश्चिमी गोलार्ध में तेल की स्थिर आपूर्ति सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
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