तेल अवीव/वाशिंगटन , मार्च 24 -- ईरान ने मंगलवार तड़के तेल अवीव सहित मध्य इजरायल पर मिसाइलों की कई लहरें दागीं, जिससे व्यापक नुकसान हुआ। इसी बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के बीच संभावित वार्ता को लेकर विरोधाभासी बयानों ने पश्चिम एशिया संकट को और जटिल बना दिया है।

इजरायली अधिकारियों के अनुसार, आधी रात के बाद 10 घंटे से भी कम समय में ईरान ने सात चरणों में मिसाइल हमले किए। तेल अवीव सहित कई स्थानों पर हमलों के प्रभाव देखे गए, जहां इमारतों को नुकसान, जलते वाहन और घना धुआं देखा गया। आपातकालीन टीमें तुरंत राहत एवं बचाव कार्य में जुट गयीं।

डिमोना क्षेत्र में भी एयर रेड सायरन बजाए गए, जो नेगेव परमाणु अनुसंधान केंद्र के निकट स्थित है, जिससे हमलों के दायरे के विस्तार का संकेत मिला है।

इजरायली रक्षा बल (आईडीएफ) ने बताया कि कई स्थानों पर खोज एवं बचाव अभियान चलाया गया और रातभर मिसाइल हमले जारी रहे।

इसके साथ ही इजरायल ने भी जवाबी कार्रवाई तेज करते हुए ईरान में 50 से अधिक ठिकानों को निशाना बनाया, जिनमें मिसाइल लॉन्च साइट और सैन्य अवसंरचना शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार, संघर्ष शुरू होने के बाद से अब तक ईरान में 3,000 से अधिक ठिकानों पर हमले किए जा चुके हैं।

कूटनीतिक मोर्चे पर श्री ट्रंप ने दावा किया कि सप्ताहांत में हुई बातचीत के बाद अमेरिका और ईरान के बीच "महत्वपूर्ण बिंदुओं पर सहमति" बनी है और ईरानी ऊर्जा संयंत्रों पर प्रस्तावित हमलों को पांच दिन के लिए टाल दिया गया है। उन्होंने "15 बिंदुओं पर सहमति" की बात भी कही और तनाव कम होने के संकेत दिए।

ईरान ने कुछ ही समय में इन दावों को तुरंत खारिज करते हुए कहा कि ट्रंप प्रशासन के साथ "कोई वार्ता" नहीं हुई है, जिससे संभावित समझौते को लेकर संदेह और बढ़ गया है।

इन विरोधाभासी बयानों के बीच वैश्विक अनिश्चितता बढ़ गई है, हालांकि श्री ट्रंप के बयान के बाद तेल की कीमतों में कुछ नरमी आई और एशियाई बाजारों में शुरुआती बढ़त दर्ज की गयी।

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