नयी दिल्ली , फरवरी 20 -- सरकार टोल प्लाजा पर नकद लेनदेन को खत्म करने पर विचार कर रही है और इसके तहत एक अप्रैल से राष्ट्रीय राजमार्ग पर नकद भुगतान को पूरी तरह से बंद किया जा सकता है।

आधिकारिक सूचना के अनुसार इस व्यवस्था के कार्यान्वयन के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग टोल प्लाजा पर सभी टोल भुगतान केवल फास्टैग या एकीकृत भुगतान इंटरफेस (यूपीआई) का उपयोग करके डिजिटल माध्यमों से ही किए जाएंगे। टोल प्लाजा पर प्रस्तावित व्यवस्था का मकसद इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह को सुदृढ़ कर राष्ट्रीय राजमार्ग टोल प्लाजा के संचालन की दक्षता और विश्वसनीयता को बढ़ाना है। इस सुधार से टोल प्लाजा पर भीड़भाड़ को कम किया जा सकेगा और लेनदेन में अधिक स्थिरता तथा पारदर्शिता लाकर राष्ट्रीय राजमार्ग उपयोगकर्ताओं के लिए 'आवागमन को सुगम' बनाने में मदद मिलेगी।

राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण का दावा है कि कुछ वर्षों में फास्टैग का उपयोग 98 प्रतिशत से अधिक हुआ है जिससे देश में टोल वसूली के तरीकों में महत्वपूर्ण बदलाव आया है। वर्तमान में, टोल लेनदेन का एक बड़ा हिस्सा वाहनों में लगे फास्टैग के माध्यम से किया जाता है, जिससे टोल प्लाजा पर निर्बाध और संपर्क रहित आवागमन संभव हो रहा है। इसके अलावा, राष्ट्रीय राजमार्ग टोल प्लाजा पर यूपीआई भुगतान सुविधा भी शुरू कर दी गई है।

आधिकारिक सूचना में यह भी कहा गया है कि राष्ट्रीय राजमार्ग शुल्क नियमों के अनुसार वैध और चालू फास्टैग के बिना टोल प्लाजा में प्रवेश करने वाले वाहनों से नकद भुगतान करने पर लागू उपयोगकर्ता शुल्क का दुगुना शुल्क लिया जाता है। वहीं, यूपीआई के माध्यम से भुगतान करने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग उपयोगकर्ताओं से लागू वाहन श्रेणी के लिए केवल 1.25 गुना उपयोगकर्ता शुल्क लिया जाता है। इन पहलों ने सामूहिक रूप से नकद लेनदेन पर निर्भरता कम करने और टोल प्रणाली को डिजिटल बनाने के उद्देश्य को आगे बढ़ाया है।

प्राधिकरण का कहना है कि प्लाज़ा स्तर पर हुए आकलन से स्पष्ट हुआ है कि नकद भुगतान से भीड़भाड़ बढ़ती है, व्यस्त यातायात समय में प्रतीक्षा अवधि बढ़ती है और लेन-देन संबंधी विवाद उत्पन्न होते हैं। केवल डिजिटल भुगतान प्रणाली पर पूर्णतः परिवर्तन से परिचालन दक्षता में वृद्धि होगी, यातायात प्रबंधन में सुधार होगा, विलंब कम होगा और देश भर के विभिन्न राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेसवे पर स्थित 1,150 से अधिक टोल प्लाजाओं पर राष्ट्रीय राजमार्ग उपयोगकर्ताओं का समग्र अनुभव बेहतर होगा।

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