रांची , मई 04 -- झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर ग्रामीण कार्य विभाग की निविदा (टेंडर) प्रक्रिया में कथित बाहरी हस्तक्षेप, अभियंताओं पर दबाव और धमकियों के मामले में तत्काल प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज कर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

श्री मरांडी ने आज अपने पत्र में कहा है कि ग्रामीण कार्य विभाग के सहायक और कार्यपालक अभियंताओं द्वारा भेजी गई एक गंभीर शिकायत ने प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अभियंताओं ने आरोप लगाया है कि विभागीय कार्यों, विशेषकर टेंडर प्रक्रिया के दौरान, बाहरी तत्वों द्वारा उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है और अनुचित दबाव बनाया जा रहा है।

पत्र के अनुसार, रांची के अशोक नगर निवासी बबलू मिश्रा नामक व्यक्ति द्वारा लगातार फोन कर निविदाकारों को अनुचित लाभ दिलाने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। साथ ही अधिकारियों के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग, गाली-गलौज और काम नहीं करने पर ट्रांसफर व सेवा समाप्ति की धमकियां भी दी जा रही हैं।

अभियंताओं ने स्थिति को गंभीर बताते हुए चेतावनी दी है कि यदि उन्हें सुरक्षा नहीं मिली तो वे कार्य बहिष्कार के लिए मजबूर होंगे। मरांडी ने इसे राज्य के विकास कार्यों के लिए खतरनाक बताते हुए कहा कि इस तरह का बाहरी हस्तक्षेप और बिचौलियों का दबदबा प्रशासनिक तंत्र को कमजोर करता है और भ्रष्टाचार को बढ़ावा देता है।

श्री मरांडी ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि नामित व्यक्ति के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाए, विभागीय अधिकारियों को सुरक्षा प्रदान की जाए और टेंडर प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने वाले कथित सिंडिकेट पर कड़ी कार्रवाई की जाए।

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