पटना , जुलाई 10 -- बिहार की राजधानी पटना स्थित एक विशेष अदालत ने बिहार के बहुचर्चित टेंडर घोटाला मामले में जेल में बंद भवन निर्माण विभाग के पूर्व मुख्य अभियंता तारिणी दास की नियमित जमानत याचिका शुक्रवार को खारिज कर दी।निगरानी के विशेष न्यायाधीश अतुल कुमार सिंह की अदालत ने 09 जुलाई 2026 को श्री दास की ओर से दाखिल की गई नियमित जमानत याचिका पर सुनवाई पूरी करने के बाद अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था। आज जमानत याचिका पर आदेश पारित करते हुए अदालत ने श्री दास को जमानत पर जेल से मुक्त करने से इंकार कर दिया।

दूसरी ओर इसी मामले में जेल में बंद एक अन्य आरोपित बुडको के कर्मचारी उमेश कुमार की नियमित जमानत याचिका पर सुनवाई आज पूरी हो गई। जमानत याचिका पर बहस करते हुए श्री दास के वकील ने अपने मुवक्किल को निर्दोष बताते हुए उन्हें नियमित जमानत पर जेल से मुक्त किए जाने की प्रार्थना की। विशेष लोक अभियोजक आनंदी सिंह ने जमानत अर्जी का विरोध किया। दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद अदालत ने अपना आदेश सुरक्षित रख लिया।

वहीं इस मामले में आरोपित आईएएस संजीव हंस की अग्रिम जमानत याचिका पर भी आज सुनवाई पूरी हो गई । श्री हंस की अग्रिम जमानत याचिका पर बहस करते हुए उनके वकील ने अपने मुवक्किल को अग्रिम जमानत की सुविधा देने का अनुरोध किया।

निगरानी की विशेष लोकअभियोजक आनंदी सिंह ने कहा किस इस मामले में श्री हंस के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल हो चुका है और अभियोजन स्वीकृति आदेश की प्रतीक्षा की जा रही है। मामले में अभी अदालत ने श्री हंस के खिलाफ संज्ञान नहीं लिया है इसलिए इन्हें गिरफ्तारी की कोई आशंका अभी नहीं है एवं इनकी अग्रिम जमानत याचिका अभी पोषणीय नहीं है। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने अपना आदेश सुरक्षित रख लिया।

गौरतलब है कि विशेष निगरानी इकाई ने राज्य के विभिन्न सरकारी विभागों की ठेकेदारी में भ्रष्टाचार करने के आरोपों का यह मुकदमा दर्ज किया था और अनुसंधान के बाद आईएएस संजीव हंस समेत सात लोगों के खिलाफ इस मामले में आरोप पत्र दाखिल किया है।

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