ऋषिकेश , मई, 15 -- उत्तराखंड के ऋषिकेश स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) सड़क दुर्घटनाओं अथवा ऊंचाई से गिरकर कूल्हे की हड्डी टूटने वाले मरीजों के लिए उम्मीद की बड़ी किरण बनकर सामने आया है। संस्थान में विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम अत्याधुनिक "पेल्विस ऐसिटाबुलम सर्जरी" के माध्यम से गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त कूल्हों का सफल उपचार कर मरीजों को फिर से सामान्य जीवन देने में जुटी हुई है। विशेष बात यह है कि यह जटिल सर्जरी आयुष्मान योजना के तहत पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही है।

एम्स के ट्रॉमा सर्जरी विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. कमर आजम ने शुक्रवार को बताया कि पेल्विस ऐसिटाबुलम सर्जरी अत्यंत जटिल प्रक्रिया है, जो मुख्य रूप से सड़क हादसों, पहाड़ी क्षेत्रों में गिरने अथवा ऊंचाई से चोट लगने के मामलों में की जाती है। उन्होंने बताया कि कई बार ऐसे हादसों में कूल्हे की हड्डी टूटने के साथ पेट, आंत और मूत्राशय में भी गंभीर चोटें आ जाती हैं, जिससे मरीज चलने-फिरने और बैठने तक में असमर्थ हो जाता है।

उन्होंने कहा कि इस प्रकार की सर्जरी के दौरान शरीर की बड़ी रक्त वाहिकाओं, नसों और आंतरिक अंगों का विशेष ध्यान रखना पड़ता है। समय पर सही उपचार न मिलने पर मरीज को लंबे समय तक गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। एम्स में विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम आधुनिक तकनीकों और उच्च गुणवत्ता वाले इंप्लांट की मदद से सफलतापूर्वक यह सर्जरी कर रही है।

संस्थान में ट्रॉमा सर्जन एवं असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. मान सिंह जारोलिया इस जटिल सर्जरी में विशेष दक्षता रखते हैं। जुलाई 2025 में एम्स से जुड़ने के बाद 10 मई 2026 तक उनके नेतृत्व में 69 सफल पेल्विस ऐसिटाबुलम सर्जरी की जा चुकी हैं। इनमें 15 वर्षीय किशोर से लेकर 85 वर्षीय बुजुर्ग तक के मरीज शामिल हैं। डॉ. जारोलिया ने बताया कि आयुष्मान कार्ड धारकों को यह सुविधा अत्याधुनिक इंप्लांट के साथ पूरी तरह मुफ्त उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि उन्हें इथियोपिया, ऑस्ट्रिया और यूरोप के विभिन्न देशों में इस जटिल सर्जरी का अंतरराष्ट्रीय अनुभव प्राप्त है।

एम्स ऋषिकेश की कार्यकारी निदेशक प्रो. मीनू सिंह ने कहा कि ट्रॉमा सर्जरी और आपतकालीन सेवाएं संस्थान की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल हैं। उन्होंने कहा कि अनुभवी डॉक्टरों की टीम और विश्वस्तरीय तकनीक के दम पर एम्स गंभीर ट्रॉमा मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध करा रहा है। संस्थान जटिल ट्रॉमा मामलों को संभालने में पूरी तरह सक्षम है और मरीजों को उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए लगातार प्रयासरत है।

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