बेंगलुरु , सितंबर 15 -- कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर टी नरसापुरा पुलिस इंस्पेक्टर विवाद का राजनीतिकरण कर राज्य में अशांति फैलाने की कोशिश करने का आरोप लगाया है।
इसके साथ ही उन्होंने पुलिस की कार्रवाई का बचाव किया और विपक्ष को स्थानीय घटनाओं को बड़े राजनीतिक टकराव में न बदलने की चेतावनी दी।
विपक्ष पर राजनीतिक लाभ उठाने का आरोप लगाते हुए श्री शिवकुमार ने कहा, "भाजपा राज्य में अशांति पैदा करना चाहती है।" टी. नरसापुरा में यह विवाद तब शुरू हुआ, जब एक धार्मिक जुलूस के दौरान संभावित झड़प को रोकने के लिए पुलिस इंस्पेक्टर की चेतावनी के बाद राजनीतिक प्रतिक्रिया शुरू हो गयी।
भाजपा नेताओं ने स्थिति से निपटने के पुलिस के तरीके पर सवाल उठाये और संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इसके बाद यह मुद्दा बड़े राजनीतिक टकराव में बदल गया, जिसमें भाजपा ने विरोध प्रदर्शनों और पदयात्राओं का एलान किया तथा संबंधित पुलिसकर्मियों के तबादले या निलंबन की मांग की।
उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय में आयी है, जब भाजपा इस मुद्दे पर तालुका स्तर पर पदयात्राएं और विरोध प्रदर्शन करने की योजना बना रही है, जिसमें विपक्ष संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहा है।
श्री शिवकुमार ने इस विवाद में शामिल सब-इंस्पेक्टर और सर्किल इंस्पेक्टर के तबादले या निलंबन की भाजपा नेतृत्व की मांग पर सवाल उठाये। केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी के पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसी मांगें अनुचित हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी अधिकारी ने कानून का उल्लंघन किया है, तो सरकार कार्रवाई करेगी। उन्होंने कहा, "अगर कोई कार्रवाई करने की जरूरत होगी तो हम निश्चित रूप से कार्रवाई करेंगे, लेकिन कानून का पालन किया जाना चाहिए।"पुलिस अधिकारी का बचाव करते हुए श्री शिवकुमार ने कहा कि पुलिसकर्मी की चेतावनी का उद्देश्य आगे की झड़पों को रोकना और कानून-व्यवस्था बनाये रखना था।
मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर एक ऐसे मुद्दे को राज्यव्यापी राजनीतिक अभियान में बदलने का भी आरोप लगाया जिसे उनके अनुसार स्थानीय स्तर पर सुलझाया जा सकता था। उन्होंने कहा, "मैं विपक्ष के नेता से इससे कहीं अधिक परिपक्वता की उम्मीद करता हूं। जो मुद्दे पंचायत स्तर पर सुलझाये जा सकते हैं, उन्हें इस स्तर तक नहीं ले जाया जाना चाहिए।"श्री शिवकुमार ने कहा कि भाजपा विरोध प्रदर्शन, पदयात्राएं करने और नारे लगाने के लिए स्वतंत्र है, लेकिन उन्होंने लोगों को भड़काने या शांति भंग करने वाली गतिविधियों के खिलाफ चेतावनी दी। उन्होंने कहा, "राजनीति कीजिए, विरोध प्रदर्शन और पदयात्राएं निकालिए तथा नारे लगाइए, लेकिन अशांति पैदा न करें और न ही ऐसा कुछ करें, जिससे राज्य का नाम खराब हो।" उन्होंने चेतावनी दी कि कर्नाटक को अशांत राज्य के रूप में चित्रित करने की कोशिशों से राज्य की छवि को नुकसान पहुंच सकता है और इसका असर भारत की प्रतिष्ठा पर भी पड़ेगा। उन्होंने कहा, "कर्नाटक भारत का मान बढ़ा रहा है। यदि आप इसे एक अशांत राज्य के रूप में चित्रित करेंगे, तो इसका असर पूरे देश पर पड़ेगा।"श्री शिवकुमार ने विपक्ष से अपनी राजनीतिक गतिविधियां कानून के दायरे में रहकर संचालित करने और यह सुनिश्चित करने की अपील की कि प्रदर्शन ऐसे न हों, जिससे सार्वजनिक व्यवस्था बिगड़े।
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