चेन्नई , जुलाई 01 -- तमिलनाडु में नवगठित टीवीके सरकार गिराने की कथित कोशिश करने के मामले में पुलिस ने बुधवार को तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया। इन लोगों पर टीवीके के एक विधायक को 35 करोड़ रुपये की रिश्वत देकर पाला बदलवाने की कोशिश करने का आरोप लगा है।
ये गिरफ्तारियां कृष्णागिरी जिले के उथंगराई निर्वाचन क्षेत्र से टीवीके विधायक डॉ. एन. इलैयाराजा की दर्ज शिकायत के आधार पर की गई है।
श्री इलैयाराजा ने अपनी शिकायत में कहा कि इंडियन पॉलिटिकल डेमोक्रेटिक स्ट्रैटेजीज नामक एक चुनावी सर्वेक्षण फर्म के संचालक थिरुनावुकारासु नामक एक व्यक्ति ने कुछ दिन पहले उनसे बात की और विधानसभा में विश्वास मत के खिलाफ वोट देने के लिए 35 करोड़ रुपये की रिश्वत की पेशकश की। श्री इलैयाराजा ने कहा कि उन्होंने प्रस्ताव ठुकरा दिया लेकिन उन्हें और उनके परिवार को धमकी दी गई कि अगर यह मामला लीक हुआ तो गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
यहां पुलिस ने एक विज्ञप्ति जारी करके बताया कि श्री इलैयाराजा ने ग्रेटर चेन्नई शहर के पुलिस आयुक्त अमलराज के समक्ष थिरुनावुक्करासु के खिलाफ आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें एक लोक सेवक को उसके कर्तव्य का निर्वहन करने से रोकने, रिश्वत की पेशकश करने और उन्हें एवं उनके परिवार को धमकी देने का आरोप लगाया गया है। शिकायत में उन्होंने इसमें शामिल सभी लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की।
मामला दर्ज करने एवं प्रारंभिक जांच करने के बाद, एक विशेष टीम ने बुधवार को चेन्नई के अरुम्बक्कम इलाके से थिरुनावुक्करासु और उसके दो साथियों, चेन्नई निवासी थियागराजन और नरेश को गिरफ्तार किया।
पुलिस ने बताया कि जांच में पता चला है कि द्रमुक के कद्दावर नेता और कोयंबटूर दक्षिण से विधायक, पूर्व मंत्री वी. सेंथिलबालाजी और उनके भाई वी. अशोक कुमार ने चेन्नई में नरेश से मुलाकात की थी। विज्ञप्ति में कहा गया कि श्री सेंथिलबालाजी और उनके भाई के निर्देश पर श्री थिरुनावुक्करासु ने टीवीके विधायक से संपर्क किया और उन्हें पाला बदलने के लिए रिश्वत की पेशकश की।
इस बीच, टीवीके के वरिष्ठ नेता और उर्जा मंत्री सीटी निर्मल कुमार ने इन गिरफ्तारियों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए पत्रकारों से कहा कि द्रमुक द्वारा की गई दलबदल की कोशिश द्रमुक अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री एम के स्टालिन के उस दावे को स्पष्ट करती है जिसमें वह अक्सर कहते हैं कि हाल ही में मुख्यमंत्री विजय के नेतृत्व में बनी टीवीके की गठबंधन सरकार कभी भी गिर सकती है और विधानसभा के मध्यावधि चुनाव कभी भी हो सकते हैं।
मंत्री ने आरोप लगाया कि श्री स्टालिन और उनके बेटे एवं पूर्व उपमुख्यमंत्री उदयनिधि टीवीके विधायकों को तोड़कर सत्ता में आने के इस कृत्य के पीछे हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि रिपोर्टों के अनुसार, लगभग 15 से 20 टीवीके विधायकों को सरकार को गिराने के प्रयास में पाला बदलने के लिए रिश्वत की पेशकश की गई थी।
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