चंडीगढ़ , जुलाई 24 -- हरियाणा ने टीबी उन्मूलन अभियान में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए टीबी मुक्त भारत ऐप पर 35,229 पंजीकरण के साथ देश में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। राज्य में क्षय रोग (टीबी) निवारक उपचार (टीपीटी) का कवरेज बढ़कर 49 प्रतिशत, न्यूक्लिक अम्ल प्रवर्धन परीक्षण (एनएएटी) आधारित मॉलिक्युलर जांच का कवरेज 67 प्रतिशत और पात्र मरीजों के लिए रोगी की आवश्यकता के अनुसार अलग-अलग या अनुकूलित सेवाएं/उपचार (डिफरेंशिएटेड) टीबी केयर का कवरेज 71 प्रतिशत तक पहुंच गया है।
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में हुई 100-दिवसीय टीबी उन्मूलन अभियान की समीक्षा बैठक में अधिकारियों ने बताया कि इस वर्ष 24 मार्च से शुरू हुए अभियान के बाद राज्य ने टीबी नियंत्रण के लगभग सभी प्रमुख मानकों पर लगातार प्रगति दर्ज की है। हरियाणा में 22,888 स्वयंसेवक और 2,067 निक्षय मित्र अभियान से जुड़े हैं। एक जनवरी से 23 जुलाई के बीच अधिसूचित 51,526 टीबी मरीजों में से 8,939 मरीजों ने टीबी मुक्त भारत ऐप पर पंजीकरण कराया है।
अधिकारियों के अनुसार, औषधि-संवेदनशील फेफड़ों की टीबी से पीड़ित मरीजों के 44,574 पात्र पारिवारिक संपर्कों में से 21,697 लोगों को टीबी प्रिवेंटिव ट्रीटमेंट दिया जा चुका है। अभियान की शुरुआत में यह कवरेज 31 प्रतिशत था, जो अब बढ़कर 49 प्रतिशत हो गया है। राज्य के 14 जिले 50 प्रतिशत से अधिक कवरेज हासिल कर चुके हैं, जबकि कम प्रदर्शन वाले जिलों में 60-दिवसीय विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
राज्य में सक्रिय रोगी खोज अभियान के तहत अब तक 4,711 स्क्रीनिंग कैंप लगाए गए, जिनमें 5.31 लाख से अधिक संवेदनशील लोगों की जांच की गई। इस दौरान 2.57 लाख से अधिक छाती के एक्स-रे किए गए। केंद्र सरकार ने हरियाणा को 200 हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीनें उपलब्ध कराई हैं, जिनमें से 36 स्थापित हो चुकी हैं और शेष जल्द स्थापित की जाएंगी।
बैठक में बताया गया कि अब तक 1.50 लाख एनएएटी जांच की जा चुकी हैं, जिससे मॉलिक्युलर जांच का कवरेज 42 प्रतिशत से बढ़कर 67 प्रतिशत हो गया है। वहीं 31,849 पात्र टीबी मरीजों में से 22,571 मरीजों को डिफरेंशिएटेड टीबी केयर से जोड़ा गया है। सरकार का लक्ष्य अगस्त 2026 तक सभी पात्र मरीजों की 100 प्रतिशत प्रारंभिक एनएएटी जांच सुनिश्चित करना है।
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