विजयवाड़ा , फरवरी 05 -- ंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू और उपमुख्यमंत्री के पवन कल्याण ने गुरुवार को तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) के मिलावटी घी घोटाले पर झूठी अफवाह फैलाने के लिए वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) की कड़ी आलोचना की।
श्री नायडू ने यहां एक संयुक्त प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि एसआईटी जांच ने पिछली वाईएसआरसीपी सरकार को कोई क्लीन चिट नहीं दी है, जैसा कि उस पार्टी के नेताओं द्वारा दावा किया जा रहा है। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि 2022 में केंद्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी अनुसंधान संस्थान (सीएफटीआरआई) द्वारा मिलावट के बारे में स्पष्ट चेतावनी दिए जाने के बावजूद, उस रिपोर्ट को दबा दिया गया और कोई कार्रवाई नहीं की गई।
श्री नायडू ने कहा कि पदभार ग्रहण करने के बाद व्यापक सफाई अभियान के हिस्से के रूप में उनकी सरकार ने टीटीडी लड्डू प्रसादम के नमूने एकत्र किए और उन्हें परीक्षण के लिए राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) भेजा।
मुख्यमंत्री ने एसआईटी और प्रयोगशाला रिपोर्टों का हवाला देते हुए कहा कि घी 'रसायनों और ताड़ के तेल' (पाम ऑयल) तथा अन्य मिलावटी पदार्थों का उपयोग करके तैयार किया गया था, जो कि गंभीर और अक्षम्य पाप था। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले पांच वर्षों में लाखों भक्तों को मिलावटी लड्डू प्रसादम दिया गया, जिससे लोगों में भय और मानसिक संकट पैदा हुआ।
मुख्यमंत्री ने वाईएसआरसीपी नेताओं द्वारा क्लीन चिट दिए जाने के दावों को खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि सीबीआई की रिपोर्ट ने कहीं भी यह प्रमाणित नहीं किया है कि मिलावट नहीं थी। उन्होंने कहा, "आरोपी ध्यान भटकाने के लिए झूठा विमर्श फैला रहे हैं और जवाबी हमले कर रहे हैं।"श्री नायडू ने खुलासा किया कि केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने भी एक रिपोर्ट सौंपी है जिसमें सरकार को संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई शुरू करने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सीबीआई के पत्र के आधार पर सरकार ने रिपोर्ट की व्यापक जांच करने, खामियों की पहचान करने और जिम्मेदारी तय करने के लिए एक सदस्यीय समिति का गठन किया है।
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