भोपाल , अक्टूबर 04 -- शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) के विरोध और पुरानी पेंशन लागू करने की मांग को लेकर रविवार को प्रदेशभर के शिक्षक भोपाल में एकत्र हुए। शिक्षक लिंक रोड नंबर-2 स्थित अंबेडकर पार्क में धरना दे रहे हैं। शिक्षकों ने कहा कि वे किसी भी स्थिति में टीईटी नहीं देंगे और सरकार से पुरानी पेंशन लागू करने की मांग की।
शिक्षक संघर्ष समिति एवं वरिष्ठता बहाली मंच के बैनर तले आयोजित प्रदर्शन में भोपाल, इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम, ग्वालियर, चंबल, जबलपुर, शहडोल, सागर और रीवा संभाग के विभिन्न जिलों से शिक्षक-शिक्षिकाएं शामिल हुए। शिक्षक सुबह 11 बजे से एकत्र होना शुरू हुए और दोपहर एक बजे से धरना शुरू किया गया।
अध्यापक संघर्ष समिति के पदाधिकारी भारत भार्गव ने कहा कि टीईटी लेने का फैसला शिक्षकों के साथ उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि शिक्षक डीएड-बीएड की पात्रता के आधार पर चयनित हुए हैं और लंबे समय से सेवा दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि 1998 या उसके बाद नियुक्त शिक्षकों से अब परीक्षा लेना उचित नहीं है।
श्री भार्गव ने कहा कि सरकार ने शिक्षकों का 10 वर्ष का छठा और ढाई वर्ष का सातवां वेतनमान नहीं दिया तथा 20 वर्ष की सेवाएं शून्य कर दी गईं। उन्होंने बताया कि उनकी नियुक्ति वर्ष 1998 में हुई थी और 28 वर्ष की सेवा के बावजूद सरकारी पोर्टल पर उनकी सेवा आठ वर्ष ही प्रदर्शित हो रही है।
उन्होंने पुरानी पेंशन लागू करने की मांग करते हुए कहा कि सांसद और विधायक आजीवन पेंशन, वेतन और भत्ते लेते हैं, तो शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना लागू क्यों नहीं की जा रही है।
प्रदर्शन में शामिल शिक्षकों ने कहा कि टीईटी सरकार की गलत नीति है और वे किसी भी सूरत में परीक्षा नहीं देंगे। उनके अनुसार स्कूल शिक्षा और जनजातीय विभाग के करीब डेढ़ लाख शिक्षक इसके दायरे में आते हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद स्कूल शिक्षा विभाग ने टीईटी कराने के लिए माध्यमिक शिक्षा मंडल को परीक्षा एजेंसी बनाया है।
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