टिहरी , सितंबर 19 -- उत्तराखंड के टिहरी जनपद में पशुओं में लम्पी चर्म की रोकथाम और प्रभावी नियंत्रण के लिए पशुपालन विभाग ने शनिवार से अभियान तेज कर दिया है। प्रभावित और संवेदनशील क्षेत्रों में 39 विशेष टीमें सक्रिय हैं, जो घर-घर जाकर पशुओं का टीकाकरण करने के साथ पशुपालकों को बीमारी से बचाव के प्रति जागरूक कर रही हैं।
मुख्य पशुचिकित्सा अधिकारी डॉ. डीके शर्मा ने बताया कि बीमारी की रोकथाम के लिए टीकाकरण के साथ सैनिटाइजेशन और वेक्टर कंट्रोल पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
विभागीय टीमों द्वारा प्रभावित ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में स्थानीय निकायों के सहयोग से फॉगिंग और चूने का छिड़काव कराया जा रहा है। गांव-गांव जागरूकता शिविर लगाकर पशुपालकों को लम्पी चर्म रोग के शुरुआती लक्षण, बचाव के उपाय और संक्रमित पशुओं के रखरखाव की जानकारी दी जा रही है। पशुओं में बुखार, त्वचा पर गांठें, आंख या नाक से स्राव तथा पैरों में सूजन जैसे लक्षण दिखाई देने पर उन्हें तत्काल स्वस्थ पशुओं से अलग रखने की सलाह दी गई है।
मुख्य पशुचिकित्सा अधिकारी ने पशुपालकों से पशुशाला में नियमित साफ-सफाई रखने, मक्खी-मच्छरों से बचाव के लिए अनुशंसित कीटनाशकों का प्रयोग करने और नियमित रूप से चूने का छिड़काव करने की अपील की। बीमारी के प्रसार की स्थिति में पशुओं की अनावश्यक खरीद-बिक्री और आवागमन से बचने को भी कहा गया है। उन्होंने बताया कि जनपद में स्थिति नियंत्रण में है और त्वरित प्रतिक्रिया दल (क्यूआरटी) दिन-रात सक्रिय हैं।
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