टिहरी गढ़वाल, दिसंबर 09 -- उत्तराखंड में भिलंगना विकासखंड के पट्टी बासर और थाती बूढ़ाकेदार क्षेत्र में भालू और गुलदार के हमलों से ग्रामीण दहशत में हैं। सर्दी का मौसम शुरू होते ही जंगली जानवरों की आवाजाही बढ़ गई है, जिससे कई पशुओं की जान जा चुकी है। ग्रामीणों के अनुसार भालू गांवों में घुसकर घरों व गौशालाओं के दरवाजे तोड़कर पशुओं पर हमला कर रहे हैं।
पोनी गांव के राम सिंह बिष्ट ने बताया कि एक सप्ताह के भीतर ग्राम पंचायत पोनी में चिरंजी प्रसाद बसलियाल की एक गाय और भगवान सिंह बिष्ट का एक बैल भालू ने गौशाला का दरवाजा तोड़कर मार दिया। इसी तरह मंगलवार तड़के ग्राम पंचायत मोलचौरी में भी गौशाला के दरवाजे तोड़कर दो गायों को घायल कर दिया गया।
थाती बूढ़ाकेदार के ग्राम पंचायत रगस्या से भी जंगली जानवरों के हमलों की सूचना है। प्रधान प्रतिनिधि जय प्रभात सिंधवाल के अनुसार भौन्दीयाला तोक में दिनदहाड़े एक गाय को मार दिया गया और एक को घायल कर दिया गया। क्षेत्र में एक साथ तीन गुलदार देखे जाने से लोगों में भारी भय का माहौल है। शील तोक में दिन में ही भालू के हमले से जलम देवी पत्नी यशपाल बाल-बाल बचीं। ग्रामीणों ने बताया कि दिन में भी गुलदार घूमते हुए देखे जा रहे हैं।
वहीं मंगलवार को जानकारी देते हुए, उप प्रभागीय वन अधिकारी जन्म जयचंद रमोला ने बताया कि मोलचौरी और तित्ररूणा गांव का दौरा कर ग्रामीणों से मुलाकात की गई है। और सावधानी बरतने की अपील भी की गई। बताया कि वन विभाग ने सभी कर्मचारियों को गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। रेंजर बालगंगा प्रदीप चौहान ने बताया कि पोनी और मोलचौरी में फॉक्स लाइट, एनाइडर और कैमरा ट्रैप लगाए गए हैं ताकि जंगली जानवरों की गतिविधियों पर नजर रखी जा सके।
ग्रामीणों ने प्रशासन से क्षेत्र में प्रभावी वन्यजीव नियंत्रण उपाय और सुरक्षा व्यवस्थाएं बढ़ाए जाने की मांग की है।
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