टिहरी , अक्टूबर 30 -- उत्तराखंड में टिहरी जिला प्रशासन ने जनगणना-2027 को लेकर ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जनगणना को अधिक सुगम और व्यवस्थित बनाने के लिए 16 से 30 नवंबर 2026 तक ऑनलाइन स्व-गणना अभियान संचालित किया जाएगा। इसमें आम नागरिक स्वयं अपने परिवार का विवरण ऑनलाइन दर्ज कर सकेंगे। स्व-गणना प्रक्रिया के दौरान कुल 40 सवालों के जवाब देने होंगे।

विकास भवन में मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल की अध्यक्षता में शुक्रवार को आयोजित बैठक में स्व-गणना अभियान की तैयारियों और जनजागरूकता को लेकर विभागवार जिम्मेदारियां तय की गईं। सीडीओ ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ अभियान को सफल बनाने के निर्देश दिए।

उन्होंने बताया कि नागरिक आधिकारिक पोर्टल पर जाकर अपने परिवार से संबंधित जानकारी दर्ज कर सकेंगे। प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रत्येक परिवार को एक विशिष्ट स्व-गणना आईडी मिलेगी। इसे बाद में घर-घर जनगणना के लिए पहुंचने वाले गणनाकार को उपलब्ध कराना होगा।

सीडीओ ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जनपद के सभी सरकारी कार्मिकों के साथ उपनल और आउटसोर्स के माध्यम से कार्यरत कर्मचारियों की स्व-गणना भी अनिवार्य रूप से कराई जाए। इसकी जिम्मेदारी संबंधित विभागाध्यक्षों की होगी। शिक्षा विभाग को खंड शिक्षा अधिकारियों के माध्यम से सभी कार्मिकों की स्व-गणना सुनिश्चित कराने के साथ विद्यालयों में विद्यार्थियों को जागरूक करने के निर्देश दिए गए, ताकि बच्चे अपने अभिभावकों को भी इस प्रक्रिया के लिए प्रेरित कर सकें।

नगर निकायों को वाहनों के माध्यम से जिंगल प्रसारित कर शहरी क्षेत्रों में स्व-गणना का प्रचार-प्रसार करने को कहा गया। वहीं पंचायती राज विभाग और खंड विकास अधिकारियों को जिला पंचायत सदस्यों, ब्लॉक प्रमुखों, क्षेत्र पंचायत सदस्यों, ग्राम प्रधानों और वार्ड सदस्यों को अभियान से जोड़ने के निर्देश दिए गए। उप जिलाधिकारियों से स्थानीय विधायकों के माध्यम से भी जनजागरूकता बढ़ाने की अपेक्षा की गई।

सीडीओ ने सभी विभागाध्यक्षों को अपने कार्मिकों को स्व-गणना प्रक्रिया का प्रशिक्षण देने और इसकी अनुपालन आख्या उपलब्ध कराने को कहा। उन्होंने प्रतिदिन के लक्ष्य निर्धारित करने तथा जागरूकता संबंधी वीडियो तैयार कर व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश भी दिए। अधिकारियों और कर्मचारियों को 15 नवंबर तक परीक्षण पोर्टल के माध्यम से स्व-गणना का अभ्यास करने को कहा गया।

उन्होंने बताया कि ऑनलाइन स्व-गणना पूरी होने के बाद एक दिसंबर 2026 से चार जनवरी 2027 तक घर-घर जाकर जनगणना का कार्य किया जाएगा। इस दौरान परिवार के प्रत्येक सदस्य से संबंधित निर्धारित जानकारी दर्ज की जाएगी। उन्होंने कहा कि स्व-गणना में आमजन की सक्रिय भागीदारी से मुख्य जनगणना प्रक्रिया को अधिक सुविधाजनक बनाया जा सकेगा।

बैठक में एडीईएसटीओ धारा सिंह ने पीपीटी के माध्यम से जनगणना-2027 की स्व-गणना प्रक्रिया, उसके महत्व और निर्धारित प्रश्नों की विस्तृत जानकारी दी। इस अवसर पर मुख्य प्रशासनिक अधिकारी केशव गैरोला, नगर पालिका के प्रधान सहायक मनोज राणा, टैक्स कलेक्टर संतोष सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। वहीं समस्त उप जिलाधिकारी, खंड विकास अधिकारी और तहसीलदार वर्चुअल माध्यम से बैठक में शामिल हुए।

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